पलवल। शनिवार 10 अप्रैल को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर केएमपी जाम करने को लेकर केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर जारी धरने में बैठक आयोजित की गई। किसान संघर्ष समिति द्वारा आयोजित बैठक में केएमपी जाम करने के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। बैठक में मजदूर संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
किसान नेताओं ने बताया कि खेतों व मंडियों में काम का समय चल रहा है। ऐसे में किसान व मजदूर के हितों को ध्यान में रखते हुए केएमपी जाम के कार्यक्रम को स्थगित किया गया है। उन्होंने बताया कि कृषि कानूनों की वापसी तक किसान आंदोलन जारी रहेगा। मजदूर संघ के नेताओं ने कहा कि सड़क जाम करने से किसान मंडियों में नहीं पहुंचेंगे। इससे मजदूरों को काम नहीं मिलेगा और एक दिन की मजदूरी से उन्हें हाथ धोना पड़ेगा।
अटोहां चौक पर धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि पलवल धरने से संयुक्त किसान मोर्चा के सभी आह्वानों को पूरा किया गया है। अब खेतों व मंडियों में काम का समय चल रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान छह माह की कड़ी मेहनत के बाद फसल तैयार करता है। फसल को काट कर मंडी में बेचने के लिए जाता है, जिससे मंडियों में मजदूरों को भी काम मिलता है। केएमपी जाम करने से किसान का काम भी रुकेगा, वहीं मजदूरों को भी काम नहीं मिलेगा। किसी भी सूरत में मजदूरों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन सुचारु रूप से चलता रहेगा और इसे और तेज करने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। गांवों में चल रहे जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। गांवों में जा रही टीमों की संख्या को बढ़ाया जाएगा।
धरने की अध्यक्षता मुंशीराम दुधौला ने की, जबकि संचालन राजकुमार ओलिहान ने किया। धरने को स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती, किसान सभा के नेता धमरचंद घुघेरा, रूपराम तेवतिया, रणबीर सिंह चौहान, चंद्रमुनि धतीर, अच्छेलाल जोधपुर, रोशनलाल आर्य, बीर सिंह औरंगाबाद, हरप्रसाद औरंगाबाद, जगदीश रावत, राजेंद्र घर्रोट, बिशराम पटेल, उदय सिंह सरपंच, सीटू नेता भागीरथ बैनीवाल, कुलभान कुमार छाता व डॉ.रघुवीर सिंह अन्य ने संबोधित किया।