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अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल, मरीज हो रहे परेशान

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प्रवीण बैंसला
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पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को मरीज इलाज के लिए भटकते रहे और कर्मचारी नारेबाजी में लगे रहे। स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के कारण अस्पताल में उपचार कराने आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जांच कराने आई गर्भवती महिलाओं को हुई। गर्भवती महिलाएं घंटों लाइनों में खड़ी रही। इस दौरान कहीं पर भी शारीरिक दूरी दिखाई नहीं दी। अस्पताल में मास्क का प्रयोग भी कम ही दिखाई दिया।
दरअसल, शुक्रवार को अस्पताल में ठेकेदारी के तहत कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर दी। कर्मचारी अस्पताल के पार्क में धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। हड़ताल का कारण नए ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों को हटाना था। इस दौरान अस्पताल में पंजीकरण पर्ची से लेकर डॉक्टर को दिखाने व दवाइयां लेने में मरीजों के पसीने छूट गए।
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सेवादारों की हड़ताल के कारण मरीजों का मार्गदर्शन करने वाला कोई नहीं था और न ही उन्हें कोई रोकने वाला था। इस दौरान डॉक्टरों ने गेट बंद कर लिए और एक-एक मरीज को प्रवेश दिया। कक्ष के बाहर मरीजों में पहले अंदर जाने को लेकर जद्दोजहद चलती रही।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत महिलाओं ने कराई जांच
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर माह की नौ तारीख को गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। इस दौरान महिलाओं में खून की कमी सहित अन्य जांच की जाती है। महिलाओं को खाने के लिए रिफ्रेशमेंट दी जाती है तथा अल्ट्रासाउंड करवाएं जाते हैं। शुक्रवार को गर्भवती महिलाएं अस्पताल में जांच कराने आईं तो उन्हें घंटों पंजीकरण पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगना पड़ा।
उनके बाद महिला चिकित्सक का दरवाजा बंद मिला और बाहर महिलाओं की भारी भीड़ लगी हुई थी। अंदर महिला चिकित्सक डॉ. प्रियंका व डॉ. पूजा महिलाओं की जांच कर रही थी, परंतु भीड़ ज्यादा होने के कारण महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ी। महिलाओं को परिवार नियोजन की भी जानकारी दी गई। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कृष्णा कॉलोनी में चिकित्सक न होने से महिलाओं को परेशानी हुई। जांच के नाम पर उन्हें स्टाफ नर्स ने दवाइयां देकर वापस लौटा दिया।
छह माह से बंद पड़ा है अल्ट्रासाउंड केंद्र
जिला नागरिक अस्पताल स्थित अल्ट्रासाउंड केंद्र करीब छह माह से बंद पड़ा हुआ है। केंद्र न चलने का कारण अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति न होना है। छह माह पूर्व अनुबंध पर कार्यरत रेडियोलॉजिस्ट काम छोड़कर चला गया, उसके बाद नई नियुक्ति नहीं की गई है। प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल भेज दिया जाता है, परंतु गर्भवती महिलाएं केंद्र पर लटका ताला देखकर मायूस लौट जाती हैं।
अस्पताल में नहीं हो रही कोरोना गाइड लाइन की पालना
जिला नागरिक अस्पताल कोरोना से बचाव के लिए गाइड लाइन की पालना नहीं की जा रही है। पंजीकरण बूथ पर मरीजों की लंबी लाइन लगी रहती है। अधिकांश मरीज मास्क का प्रयोग भी नहीं करते। लाइनों में मरीजों को उचित दूरी पर खड़े रहने व मास्क के प्रयोग की जानकारी देने वाला कोई नहीं है। यहां तक कि पर्ची बनाने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर भी बिना मास्क के काम करने नजर आते हैं। यही हाल चिकित्सकों के कमरे के बाहर होता है। यहां पर भी मरीज लाइनों में बिना कोरोना गाइड लाइन का पालन किए हुए खड़े रहते हैं।
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क्या कहते हैं अधिकारी
जिला अस्पताल में नई कंपनी को कर्मचारियों का ठेका दिया गया है। नई कंपनी द्वारा कुछ कर्मचारियों को हटाने के विरोध में हड़ताल की गई है, जिससे मरीजों को कुछ परेशानी हुई। आपसी बातचीत से मामले को सुलझाया जा रहा है। रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए लिखा गया है, जल्द ही अल्ट्रासाउंड केंद्र को शुरू करवा दिया जाएगा।
- डॉ. लोकवीर सिंह, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, जिला अस्पताल पलवल
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