पलवल। एक साल से चल रहे किसान आंदोलन का समापन क्षेत्र के लिए मिसाल बन गया। एक साल से बेतहाशा विरोध झेलने के बावजूद डटे रहे किसानों पर जगह-जगह पुष्प वर्षा हुई तो वे भावुक हो गए। किसानों ने कहा कि आज उन्हें एक साल के संघर्ष का सही मायने में फल मिला है। आंदोलन के समापन पर केएमपी-केजीपी इंटरचेंज स्थित धरना स्थल से शनिवार को निकाली गई किसान विजय यात्रा में हजारों लोग ट्रैक्टर, गाड़ियों व बाइकों पर सवार होकर शामिल हुए। विजय यात्रा के लिए विशेष रूप से ट्रैक्टरों को फूलों से सजाया गया। ढोल नगाड़ों पर नृत्य कर जीत का जश्न मनाया गया। यात्रा का समापन धरना स्थल पर हुआ, जहां से सभा के बाद किसान अपने घरों को लौट गए।
किसान संघर्ष समिति पलवल द्वारा आंदोलन की समाप्ति पर धरना स्थल पर शनिवार सुबह यज्ञ किया गया। यज्ञ राष्ट्रीय विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने संपन्न कराया। सुबह 10 बजे किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों से धरना स्थल पर पहुंचे। धरना स्थल पर लाए फूलों से ट्रैक्टरों को सजाया गया और बैनर लगाए गए। करीब साढ़े 11 बजे धरना स्थल से किसान विजय यात्रा का शुभारंभ हुआ। गांव कुसलीपुर स्थित लघु सचिवालय पर सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने यात्रा पर पुष्प वर्षा करते हुए किसान-मजदूर एकता के नारे लगाए। पुल के ऊपर से, आगरा चौक पर, पुराना जीटी रोड स्थित मीनार गेट पर, हुडा सेक्टर दो मोड़ पर भी यात्रा पर पुष्प वर्षा की गई। यात्रा दिल्ली गेट से राष्ट्रीय राजमार्ग होते हुए धरना स्थल पर लौट आई। जहां सभा का आयोजन किया गया। सभा में किसानों से रविवार के मथुरा के छाता में निकाली जाने वाला विजय यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया गया।
सभा में आंदोलनरत किसानों का जताया गया आभार
किसान विजय यात्रा के बाद धरना स्थल पर सभा का आयोजन किया गया। सभा में एक साल में किसानों के संघर्ष में शामिल किसानों का विशेष तौर से आभार व्यक्त किया गया। सभा को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत, मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, अखिल भारतीय किसान सभा के नेता धर्मचंद घुघेरा, डॉ.रघुवीर सिंह, राजकुमार ओहलियान, ताराचंद, सोहनपाल चौहान, धनीराम तेवतिया, रमेश चंद, सीटू के जिला प्रधान श्रीपाल सिंह भाटी, मनधीर मान, रचना सांगवान, रूपराम तेवतिया, अच्छेलाल जोधपुर, राजेंद्र बैंसला, राजेश बहीन, राहुल तंवर पृथला ने संबोधित किया।
भारत माता की जय के नारों से गूंजा शहर
शनिवार को निकाली गई किसान विजय यात्रा देशभक्ति से ओत-प्रोत दिखाई दी। ट्रैक्टर सहित सभी वाहनों को राष्ट्रीय ध्वज लगाए गए। किसानों ने अपने हाथों में भी राष्ट्रीय ध्वज लिए हुए थे। यात्रा के दौरान भारत माता की जय व किसान-मजदूर एकता जिंदाबाद के नारे लगाए गए। किसानों पर हुई पुष्प वर्षा ने किसानों के जोश को दोगुना कर दिया।
दाढ़ी न कटवाने के संकल्प लेने वाले किसानों को किया सम्मानित
धरना स्थल पर दिन-रात सेवा देने वाले गांव अटोहां गांव निवासी हरि सिंह चौहान व मेवाराम चौहान को विशेष तौर पर सम्मानित किया गया। दोनों किसानों ने आंदोलन समाप्ति पर ही दाढ़ी कटवाने का संकल्प लिया था। उन्होंने एक साल से अपनी दाढ़ी नहीं कटवाई। किसान संघर्ष समिति व गांव की युवा टीम द्वारा उन्हें फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया।
गीतों के माध्यम से मृत सैनिकों को दी श्रद्धांजलि
धरना स्थल पर किसानों ने जीत का जश्न मनाया, वहीं हेलीकॉप्टर हादसे में मृत सैनिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। सुबह धरना स्थल पर हुए यज्ञ के बाद भजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मथुरा से छाता से आई भजन गायल सीमा रावत ने श्रद्धांजलि गीत गाकर मृत सैनिकों को याद किया। सीमा रावत ने रावत की हुई विदाई, देश पर जान गवाईं गीत गाकर सभी की आंखों को नम कर दिया।
अटोहां चौक को किसान क्रांति चौक के रूप में विकसित करने की मांग
किसान संघर्ष समिति ने अटोहां चौक स्थित धरना स्थल को किसान क्रांति चौक के रूप में विकसित करने की मांग की है। किसानों ने कहा कि धरना स्थल पर दो किसानों ने अपनी जान गंवाई है। जिसका यह चौक गवाह रहेगा। चौक पर किसानों द्वारा लगाए गए पौधे भी कभी पेड़ बनकर आंदोलन की याद दिलाएंगे।