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किसान आंदोलन : किसानों ने किया विधायक के निवास का घेराव, प्रदर्शन भी किया

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-नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ जताया रोष, विधायक के सचिव को दिया ज्ञापन
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-किसान आंंदोलन को देख पुलिस सतर्क, चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात
-दिल्ली जाने वाले हर मार्ग पर पुलिस नाका लगा की जा रही वाहनों की जांच
-किसान नेताओं को नोटिस देकर शांति बनाए रखने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। दिल्ली सीमा पर बैठे किसानों के समर्थन में बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जिले के किसानों ने विधायक दीपक मंगला के निवास का घेराव कर प्रदर्शन किया। विधायक की गैर मौजूदगी में विधायक के निजी सचिव को ज्ञापन दिया। इस अवसर पर किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। किसान आंदोलन तथा विधायक के निवास के घेराव को देखते हुए जिला पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा। पुलिस अधीक्षक डॉ. अंंशु सिंगला ने जहां विधायक के निवास पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया, वहीं जिले की सीमाओं के अलावा दिल्ली जाने वाले सभी मार्गों पर भी पुलिस नाके लगा दिए, ताकि किसान दिल्ली की तरफ न जा सकें।
प्रदर्शनकारी किसानों में प्रमुख रूप से शामिल मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, ताराचंद प्रधान, धर्मचंद, बीधूसिंह, रुप राम तेवतिया, रमेश चन्द सौरोत ने कहा कि 22 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा की होने वाली राष्ट्रीय बैठक में आंदोलन की जो भी घोषणा की जाएगी, पलवल के किसान उसमें बढ़चढ़ कर भाग लेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने सभी संगठनों से आंदोलन को मजबूत करने के लिए एकजुट होने की अपील की। किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान व धर्म चन्द घुघेरा ने किसानों की मांग व मुद्दों को लेकर चल रहे आन्दोलन में गिरफ्तार किए गए किसानों को तुरंत रिहा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान लंबित मुद्दों पर संयुक्त किसान मोर्चा का आंदोलन जारी है। केंद्र सरकार ने देश के किसानों से सभी फसलों को खरीदने, बिजली कानून रद्द करने,किसान व मजदूरों की कर्जा मुक्ति तथा लखीमपुर खीरी के शहीद किसानों को न्याय देने जैसी अन्य कई मांगों को मानने का वायदा किया था, जिनके ऊपर सरकार ने किसानों के साथ विश्वासघात किया है, इसलिए किसान मोर्चे ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर अपने आंदोलन को जारी रखा है ।
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उन्होंने किसानों पर मुकदमे बनाने, आंसू गैस के गोले छोड़ने, इंटरनेट पर पाबंदी लगाने और हर प्रकार की दमनात्मक कार्यवाहियों की कड़ी निंदा की है। किसान नेताओं ने मोहना गांव में ग्रीन एक्सप्रेसवे पर उतार चढ़ाव के लिए कट मांग का समर्थन करते हुए कहा प्रशासन में जिन किसान नेताओं पर झूठे मुकदमे बनाए हैं मैं तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। प्रदर्शन में समयराम सिंह कुंडू, अर्जुन सिंह कुंडू,भीम सिंह, हुकम सिंह चौहान, मास्टर पद्म सिंह, अजीत सिंह, भागीरथ बेनीवाल, डॉक्टर रघुवीर सिंह, ठाकुर लाल आर्य,करन सिंह, करतार सिंह, राहुल तंवर,मूल चन्द बडग़ुर्जर,अमीर अहमद,राज कुमार ओलियान, राजेन्द्र सिंह , रणजीत सिंह,हरि सिंह आदि मौजूद थे।
चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस
किसानों के आंदोलन के चलते जिले में चप्पे-चप्पे पर पुलिस कर्मी तैनात थे। खासकर केजीपी-केएमपी एक्सप्रेस वे पर। केजीपी व केएमपी पर पुलिस विभाग द्वारा विशेष निगरानी के लिए पुलिस कर्मी तैनात किए हुए थे, ताकि कोई भी किसान वहां से होकर दिल्ली की तरफ न जा सकें। साथ ही दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर गदपुरी टोल पर भी पुलिस नाका लगाकर निगरानी की जा रही थी। इसके अलावा पलवल के विधायक दीपक मंगला के साथ-साथ जिले के तीनों विधायकों के निवास भी पुलिस कर्मी तैनात कर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।
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किसानों की हर गतिविधि पर नजर
पुलिस व प्रशासन द्वारा गुप्तचर विभाग के साथ-साथ अपने मुखबिरों के द्वारा किसानों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। किसान संगठनों के नेताओं पर पूरी नजर है। साथ ही उन्हें नोटिस देकर किसी भी सरकार विरोधी गतिविधि में हिस्सा लेने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। नोटिस भेजकर आदेेश दिए गए हैं कि यदि किसान आंदोलन के चलते किसी सरकारी संपत्ति को कोई भी नुकसान हुआ तो उसकी भरपाई से किसान नेताओं की संपत्ति कुुर्क की जाएगी।
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जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अंंशु सिंगला ने कहा कि पलवल जिले में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह से सक्रिय है। चारों तरफ पुलिस नाके लगाए गए हैं। जिले के बाहर से आने वाले वाहनों की गहनता से जांच की जा रही है। दिल्ली जाने वाले सभी मार्गों पर नजर है। किसानों को समझाया जा रहा है। फिर भी यदि कोई ऐसा मामला सामने आया तो पुलिस सख्ती से निपटेगी।
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