मंडियों में नहीं किया गया कोई इंतजाम, 11 हजार क्विंटल धान भीगा
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले में सोमवार को हुई बारिश जहां आम लोगों के लिए राहत लेकर आई, वहीं किसानों के लिए मुसीबत बन गई। बारिश के कारण मंडियों में खुले में रखा किसानों का अनाज भीग गया। बारिश के कारण करीब 11 हजार क्विंटल धान बारिश में भीगने का अनुमान है। इसके कारण किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
प्रदेश सरकार ने 22 सितंबर से धान की खरीद शुरू की थी लेकिन पिछले 14 दिन में सिर्फ 18 से 20 क्विंटल धान की खरीद हुई है। इसकी वजह से अधिकांश धान मंडी में खुले में ही रखा हुआ है। किसानों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि बारिश से बचाव के लिए कोई भी पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई थी। जिससे अब उन्हें नुकसान झेलना पड़ रहा है।
पलवल अनाज मंडी में कई जगहों पर खुले में रखे धान के बोरे भीग गए। किसानों का कहना है कि कई दिनों से मौसम विभाग बारिश की संभावना जता रहा था, इसके बावजूद मंडियों में तिरपाल या ढकने की व्यवस्था नहीं की गई। इससे धान में नमी बढ़ गई है और अब खरीद के समय किसानों को कम रेट मिलने का डर सता रहा है।
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हम लोग कई दिनों से अपनी उपज लेकर मंडी में बैठे थे। बारिश की चेतावनी के बावजूद मंडी में कोई इंतजाम नहीं था। सारी फसल भीग गई। अब जब धान में नमी बढ़ गई है, तो खरीदार कम रेट देने की बात कर रहे हैं। प्रशासन को पहले से तैयारी करनी चाहिए थी।
- राज कुमार, किसान
सरकार कहती है कि किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। मंडियों में न तो शेड हैं, न तिरपाल। बारिश ने हमारी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। अब अगर फसल की गुणवत्ता घटी तो घाटा किसानों का ही होगा। - जितेंद्र, किसान
बारिश के मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन और मार्केट कमेटी ने कोई प्रबंध नहीं किया था। इसके कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- गौरव तेवतिया, जिला प्रधान, पलवल अनाज मंडी