ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई को लेकर शहर के ट्रांसपोर्टर दो गुटों में बंट गए हैं। दोनों पक्षों के नेता खुद की यूनियन को असली यूनियन बता रहे हैं। एक पक्ष जहां ओवरलोड वाहनों पर आरटीओ विभाग की कार्रवाई से संतुष्ट है, वहीं दूसरे पक्ष ने आरटीओ पर ओवरलोड वाहनों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया।
शुक्रवार को ट्रक ऑनर वेलफेयर एसोसिएशन की एक यूनियन के अध्यक्ष प्रियवीर सिंह ने आरटीओ कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। उनका कहना था कि आरटीओ के अधिकारी ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसने में कामयाब रहे हैं। वहीं कई वर्ष पूर्व से अध्यक्ष चले आ रहे नवनीत तेवतिया पक्ष के ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि धरना देने वाले ट्रांसपोर्टर ही नहीं हैं, तथा एसोसिएशन के सदस्य प्रशासनिक व्यवस्था से संतुष्ट हैं।
शनिवार को नवनीत तेवतिया की अध्यक्षता में हुई ट्रक ऑनर वेलफेयर एसोसिएशन की आपात बैठक में कहा गया कि अंतरराज्यीय स्तर के कुछ दलाल व उनके साथियों द्वारा भोले ट्रक मालिकों को बरगला कर पलवल एसोसिएशन के नाम से अवैध धरना दिया जा रहा है।
बैठक में कहा गया कि एसोसिएशन पहले ही 19 मई को प्रशासन को समस्याओं के संदर्भ में शिकायत दे चुकी है व प्रशासन ने इन मांगों पर काम भी शुरू कर दिया है। धरने की आड़ में कुछ लोग ट्रक मालिकों व प्रशासन के बीच के सौहार्द को बिगाड़ने व अपनी दलाली चलाने की साजिश रच रहे हैं, जिसे कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। बैठक में सभी ट्रांसपोर्टर्स ने प्रधान नवनीत तेवतिया के नेतृत्व में विश्वास जताया, व भ्रम वश धरने में गए ट्रांसपोर्टर्स से भी एसोसिएशन में लौटने का अनुरोध किया। बैठक में पृथ्वी सिंह, शंकर लाल, शिवकुमार, अशोक मदान, अश्विनी मग्गू, ओमप्रकाश, संजय गुलाटी, वेदप्रकाश, मुकेश, अमित, जोगेंद्र, नरेंद्र, बलजीत, प्रेम पंडित व प्रेम सागर आदि शामिल हुए।
वहीं दूसरे पक्ष के प्रियवीर सिंह का कहना है कि 22 मई को हुई बैठक में नवनीत तेवतिया को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। उनके द्वारा दिए जा रहे धरने से प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई करने लगे हैं, तथा शुक्रवार को कई ओवरलोड ट्रकों को पकड़ा गया है। प्रियवीर के अनुसार उनकी एसोसिएशन में वे सभी लोग शामिल हैं जोकि कानून का पालन करते हुए अंडरलोड ट्रक चलाना चाहते हैं, तथा उनका धरना प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रही।