पलवल में टेलीविजन के सामने बैठकर बजट देखते लोग
- फोटो : Palwal
पलवल। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को आम बजट पेश किया। बजट में इस बार भी पलवल जिले को कुछ नहीं मिला। वर्षों से चली आ रही अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और सैनिक भर्ती बोर्ड बनाने की मांग पर भी बजट में कोई चर्चा नहीं हुई, जिससे पलवल के लोग नाखुश हैं। लोगों ने इस बजट को पूरी तरह से निराशाजनक और आधारहीन बताया।
केंद्रीय बजट को लेकर मंगलवार को लोगों को काफी उम्मीदे थी। लोग सुबह से ही बजट देखने के लिए टेलीविजन के सामने बैठे रहे। इस बार तो बजट को देखने के लिए महिलाएं भी टेलीविजन के आसपास बैठी रहीं। लेकिन, बजट के बाद जिले के लोग पूरी तरह से निराश नजर आए। लोगों का कहना है कि बहीन ग्राम पंचायत द्वारा जमीन उपलब्ध करवाने के बावजूद सरकार एम्स अस्पताल शुरू नहीं करा पाई। लोगों का मानना है कि बजट में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया है।
रक्षा अनुसंधान बजट का स्वागत
इस बार रक्षा अनुसंधान के लिए 25 फीसदी बजट बढ़ाने तथा युवाओं को 60 लाख नौकरियां देने की भी घोषणा का लोगों ने स्वागत किया है। हालांकि, कोरोना महामारी के बावजूद स्वास्थ्य क्षेत्र में कोई विशेष पैकेज न देने पर लोग निराश हैं। साथ ही कोरोना के कारण खराब हो रही शिक्षा प्रणाली पर भी सरकार का विशेष ध्यान न देने पर लोगों में निराशा है।
जीएसटी की दरों में कमी न होने से व्यापारी निराश
जीएसटी दरों में कमी नहीं होने के कारण जिले के व्यापारी निराश हैं। लोगों का कहना है कि सरकार ने बजट में व्यापारियों के हित में कोई खास निर्णय नहीं लिए हैं। व्यापारियों को उम्मीद थी कि इस बार जीएसटी की दरों में कमी आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाने का प्रयास नहीं किया गया।
-------अनूप पाराशर----