फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आयुष्मान कार्ड के बावजूद अस्पताल ने वसूल लिए रुपये

विज्ञापन
जिला ग्रीवेंस कमेटी की बैठक लेते सहकारिता मंत्री बनवारी लाल - फोटो : Palwal
विज्ञापन
अनूप पाराशर
विज्ञापन

पलवल। मंत्री जी, मेरे पास आयुष्मान कार्ड है। फिर भी एक निजी अस्पताल ने पत्नी के इलाज के बदले 20 हजार रुपये वसूल लिए। यदि इसी तरह इलाज के रुपये देने पड़ेंगे, तो फिर आयुष्मान कार्ड का क्या फायदा है। यह बातें शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित जिला ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में गांव बांसवा निवासी दुलीचंद ने कही। दुलीचंद का आरोप है कि निजी अस्पताल संचालक कार्ड का फायदा नहीं दे रहे हैं। इस शिकायत पर सहकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने जांच के आदेश दिए तो सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने यह कहकर मामले को रफा-दफा करा दिया कि निजी अस्पताल संचालक आयुष्मान योजना वाले पैकेज को नहीं खोल पाया था। अब वह रुपये लौटाने को तैयार है। जल्द ही दुलीचंद को 20 हजार रुपये लौटा दिए जाएंगे। बैठक में 13 में से सिर्फ 6 शिकायतों का ही निपटारा किया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी अस्पताल का पक्ष लेना अपने आप में सवाल खड़ा कर गया। सिविल सर्जन की पैरवी के बाद मंत्री बनवारी लाल ने भी चुप्पी साध ली। मंत्री बनवारी लाल ने आदेश दिए कि समाज कल्याण विभाग के माध्यम से विभिन्न पेंशन योजनाओं के लाभपात्रों को आवेदन करने के बाद तुरंत लाभ दिया जाए। अगर इस संबंध में कोई अधिकारी और कर्मचारी लापरवाही करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने यह आदेश गांव बड़ौली निवासी अनीता देवी की पेंशन न देने संबंधी शिकायत की सुनवाई के दौरान दिए। उन्होंने इस मामले की जांच अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपी और निर्देश दिए कि इस मामले में देरी करने वाले कर्मचारियों- अधिकारियों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
विज्ञापन

वहीं, गांव मानपुर निवासी जगत सिंह की शिकायत थी कि सिंचाई विभाग के ठेकेदार गौच्छी ड्रेन की पटरी और रास्ते की मिट्टी को अवैध तरीके से खोदकर लाए हैं। इस पर सहकारिता मंत्री ने विभाग के कार्यकारी अभियंता को ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेेश देने के बजाय निर्देश दिए कि वे पटरी और रास्ते को जल्द से जल्द समतल करवा दें, ताकि लोगों का आवागमन सुगम हो सके। गांव मंगोरका निवासी महेंद्र सिंह की शिकायत थी कि गांव की सरपंच लता मंगेश ने पद से निरस्त होने के बावजूद ग्राम पंचायत के पैसे का लेन-देन किया। इस संबंध में अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि एसडीएम की अध्यक्षता में तकनीकी समिति का गठन कर जांच की जा रही है। गांव रूपनगर नाटोल निवासी इल्ली की शिकायत थी कि गांव में कच्चे रास्ते का निर्माण सही ढंग से न करवाकर बीच रास्ते में ही छोड़ दिया गया है। इस पर सहकारिता मंत्री ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी हथीन को निर्देश दिए कि वे इस शिकायत का जल्द से जल्द निपटान कर दें।
इस मौके पर हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास आयोग के चेयरमैन एवं होडल विधायक जगदीश नायर, हरियाणा भंडारण निगम के चेयरमैन एवं पृथला विधायक नयनपाल रावत, विधायक पलवल दीपक मंगला, विधायक हथीन प्रवीण डागर, उपायुक्त नरेश नरवाल, जिला नगर आयुक्त मोनिका गुप्ता, पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत, अतिरिक्त उपायुक्त सतेंद्र दूहन, एमडी शुगर मिल सुमन भांखड़, एसडीएम होडल लक्ष्मीनारायण, नगराधीश अंकिता अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन

कोरोना काल में भी नहीं मिला लाभ
आयुष्मान कार्ड धारकों को निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह पहला ऐसा मामला नहीं है, बल्कि कोरोना संक्रमण बढ़ने के दौरान भी किसी को आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निजी अस्पतालों में फ्री इलाज नहीं मिला। पलवल निवासी रामचंद्र ने बताया कि उनकी पत्नी संक्रमित हो गई थी। लेकिन, निजी अस्पताल में उपचार के लिए रुपये देने पड़े थे। जबकि, उनके पास आयुष्मान कार्ड है। इसी तरह से महेंद्री नामक महिला ने बताया कि उसके पति संक्रमित थे। इस दौरान ऑक्सीजन की कमी होने पर उन्हें रुपये देकर इलाज करवाना पड़ा था। जबकि, आयुष्मान कार्ड है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें