पलवल। दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर आल्हापुर फ्लाई ओवर के नीचे रविवार को सुबह तड़के युवक का शव बरामद हुआ। शव पर चोटों के निशान थे। परिजनों ने इस मामले में रंजिश के चलते हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतक के साले की शिकायत पर तीन नामजद सहित अन्य के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
डीएसपी यशपाल खटाना ने बताया कि पेलक गांव निवासी ओमप्रकाश ने दी शिकायत में कहा है कि उसने अपनी बहन प्रीति की शादी 13 वर्ष पूर्व आल्हापुर गांव निवासी गोपाल के साथ की थी। वह दो दिसंबर को अपनी बहन व जीजा से मिलने आल्हापुर गांव आया था। जीजा गोपाल ने बताया था कि गांव के ही निवासी सुमेरी, महावीर, दिनेश व कुछ अन्य लोगों ने धमकी देते हुए कहा था कि जो तुम्हारे परिवार के हरकेश का झगड़ा हमारे परिवार के लोगों के साथ चल रहा है और तू उसमें हरकेश के परिवार की कुछ ज्यादा ही मदद कर रहा है। आरोपी ने धमकी दी थी कि अस्पताल से गांव में आने के बाद जिंदा नहीं छोड़ेंगे, लेकिन अगर तू नहीं माना तो तुझे भी जान से हाथ धोने पड़ेंगे।
आरोप है कि ओमप्रकाश ने शिकायत में कहा है कि पांच दिसंबर को सुबह छह बजे उसके जीजा के परिवार से फोन आया कि आपके जीजा गोवाल की हत्या हो गई है, जिसका शव आल्हापुर फ्लाईओवर के नीचे पड़ा हुआ है। पीड़ित ने मौके पर पहुंचकर देखा तो उसके जीजा के शरीर पर चोटों के निशान थे। उसे शक है कि उसके जीजा की हत्या उक्त लोगों ने साजिश के तहत की है और अन्य परिजनों को भी जान का खतरा है। डीएसपी यशपाल खटाना ने बताया कि पुलिस ने लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या की साजिश रचने सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
उधर मृतक युवक के परिजनों ने जिला नागरिक अस्पताल में बताया कि उनका कुछ दिन पूर्व गांव में लोगों से झगड़ा हो गया था, जिसमें उनके पक्ष के कई लोग अभी अस्पतालों में उपचाराधीन है। वहीं शहर थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से मुकदमे दर्ज किए हुए है। गत सप्ताह पुलिस हत्या के आरोपी पक्ष के लोगों को पकड़ने पहुंची थी तो आरोपियों ने पुलिस पर भी हमला कर दिया था। जिसके संबंध में पुलि की तरफ से भी एक मुकदमा दर्ज किया गया था। उसके बाद आरोपी पक्ष की ओर से जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर डीसी को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें कहा गया था कि पुलिस उनके साथ अन्याय कर रही है तथा दूसरे पक्ष के लोगों को गिरफ्तार नहीं कर रही। जिसके चलते पिछले एक सप्ताह से इस मामले को पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल हुआ है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस यदि समय रहते आरोपियों को गिरफ्तार कर लेती तो शायद आज गोपाल की हत्या नहीं होती।