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आपराधिक रिकॉर्ड का रहा है याहया का

Fri, 27 May 2016 04:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पलवल
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बदमाशों को दबोचा - फोटो : file photo
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बहीन थाना क्षेत्र के गांव उटावड़ में हुए हत्याकांड़ का मुख्य आरोपी याहया खान आपराधिक प्रवृत्ति  का है। गांव के लोग कहते हैं कि याहया गांव के कुछ लोगों को अवैध हथियार भी मुहैया कराता था। उस पर हत्या के प्रयास और लूट के भी केस दर्ज हैं। हत्या के प्रयास के मामले में समझौता होने के बाद वह वर्ष 2014 में बरी हो गया था। इसी के चलते वह कई बार पुलिस से निलंबित भी रहा है। लूट के मामले में वर्ष 2015 से वह निलंबित चल रहा था। 
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 गांव उटावड़ के शादी खान का करीब 48 वर्षीय पुत्र याहया वर्ष 1993 में बतौर कांस्टेबल हरियाणा पुलिस में भर्ती हुआ था। भर्ती होने के कुछ दिन बाद ही मधुबन में ट्रेनिंग के दौरान किसी विवाद के चलते उसे निकाल दिया गया था। जिस पर गांव के प्रभावशाली लोगों ने तत्कालीन सीएम भजनलाल से सिफारिश कर याहया को  ट्रेनिंग पर भिजवाया था। नौकरी के दौरान याहया का अधिकांश कार्यक्षेत्र गुड़गांव में ही रहा। इसी दौरान उसे एएसआई तक की पदोन्नति मिली। 

  बुधवार को हुए चोहरे हत्याकांड से पूर्व उस पर वर्ष 2002 व 2007 में फायरिंग करने के भी आरोप लगे। वर्ष 2002 में तो गांव में आपसी समझौते के चलते मामला पुलिस के पास नहीं गया था। लेकिन वर्ष 2007 मे उसकी गोली से गांव निवासी वारिस पुत्र रसमू घायल हो गया था। जिस मामले में वह करीब दो माह तक जेल में भी रहा था, तथा विभाग ने उसे निलंबित कर दिया था। वर्ष 2014 में एक बार फिर पंचायती तौर पर फै सला हो गया तथा बरी होने के बाद याहया फिर से अपनी ड्यूटी पर बहाल हो गया। 
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बहाली के बाद उसे वर्ष 2015 मे बिलासपुर चौकी में नियुक्ति मिली थी। उस दौरान उस पर 35 लाख के कॉपर के ट्रक को लूटने का मामला सामने आया। जिसमें उसने अपने परिवार को दो युवकों (ताऊ के लड़कों) को शामिल कर लूट की वारदात की। इस   मामले में याहया तभी से निलंबित चल रहा है और उसके ताऊ के लड़के जेल में हैं। याहया की वारदातों ने पुलिस की वर्दी को भी दागदार कर दिया है। 
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