महिला थाना पुलिस की कार्यशैली से असंतुष्ट एक महिला ने सोमवार को खुदकुशी का प्रयास किया। महिला ने दोपहर बाद एसपी ऑफिस में अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने उसे काबू कर बचा लिया।
महिला ने पुलिस के प्रति अपने गुस्से का इजहार करते हुए जमकर बवाल काटा। कार्यालय में मौजूद लोग महिला को समझा-बुझाकर महिला थाने ले गए और कार्रवाई का भरोसा दिलाया। एसपी दुग्गल के निर्देश पर पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
आत्महत्या का प्रयास करने वाली गांव दीघोट निवासी मंजू के अनुसार 10 जून को गांव निवासी रण सिंह की गाड़ी से उनकी बुग्गी टकरा गई थी। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हो गया था। इसकी शिकायत दोनों पक्षों ने महिला थाना पुलिस को दी थी। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
मंजू का आरोप है कि एक जुलाई को रण सिंह के परिवार की एक महिला की शिकायत पर उसके भाई सुरेंद्र उर्फ सोनी व पिता देशराज के खिलाफ छेड़छाड़ व मारपीट का झूठा मामला दर्ज कर दिया गया। उसके अनुसार मामले में उचित व निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर उसने कई बार महिला थाने के चक्कर काटे, लेकिन पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि महिला पुलिस उल्टे उसके पक्ष को ही डांटने का काम करतीं रहीं। महिला पुलिस की कार्यशैली से असंतुष्ट मंजू ने सोमवार की बाद दोपहर एसपी राजेश दुग्गल के कार्यालय पर जाकर खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की।
मामले पर एसपी राजेश दुग्गल का कहना है कि सोमवार को महिला मंजू उनसे भी मिली थी। इस पर उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। फिलहाल मंजू की शिकायत पर महिला पुलिस को कार्रवाई का आदेश दे दिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी व किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।