शहर में अवैध फाइनेंस का कारोबार प्रशासनिक लापरवाही के कारण लगातार फल फूल रहा है। अवैध फाइनेंस के धंधे में शहर के व्यापारियों का करोड़ों रुपया डूबने के चलते व्यापार-धंधा भी पूरी तरह से चौपट हो गया है। काले धंधे में रुपया गंवाने वाले लोग जहां डैमेज कंट्रोल में लगे हैं तो कुछ रुपये की उगाही के चक्कर में धंधेबाजों के चक्कर लगा रहे हैं।
अवैध कमेटी व फाइनेंस के धंधे में जिले के नागरिकों व व्यापारियों के करीब 500 करोड़ रुपए डूबने की चर्चा है। इस फेर में जहां कुछ लोग शहर छोड़ कर चले गए हैं, तो होडल में एक वकील ने आत्महत्या तक का प्रयास किया।
कई धंधेबाजों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज हुई हैं व एक धंधेबाज को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भी भेजा गया है। हालांकि काफी हद तक यह गोरखधंधा खत्म हो चुका है, लेकिन कुछ लोग पुरानी वसूली के लिए अब भी इस मायाजाल में उलझे हुए हैं।
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