पलवल। मुख्यमंत्री जी! एक गांव तक नहरी पानी पहुंचाने के चक्कर में आपके अधिकारियों ने हमारे गांव के जंगलों को भी पानी से भर दिया है। हालात ये हो गए हैं कि हमारे गांवों में भी सेम की समस्या बन गई है। पिछले दो महीनों से खेतों में इस कदर पानी भरा हुआ है कि खेतों में खड़ी कपास, गन्ना व ज्वार की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। यदि जल्द खेतों में घुसे पानी की निकासी के इंतजाम नहीं किए गए तो हम कभी खेतों में कोई फसल नहीं उगा पाएंगे। यह कहना है पलवल विधानसभा क्षेत्र के गांव अल्लीका, रजोलका, व ककराली के किसानों का। किसानों ने इस समस्या के समाधान के लिए जहां जिला प्रशासन व कृषि व सिंचाई विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है, वहीं उपमुख्यमंत्री व मुख्यमंत्री को भी शिकायत भेजी है। गोछी ड्रेन की सफाई करने से पानी आसपास के गांवों के खेतों में भर गया है।
इतना ही नहीं ग्रामीण जल्द ही इस समस्या को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, पलवल व हथीन के विधायकों तथा उपायुक्त को ज्ञापन भी सौपेंगे।
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हथीन उपमंडल के गांवों भी है 20 साल से सेम की समस्या
सेम की यह समस्या हथीन उपमंडल के भी करीब 20 गांवों में है। इस समस्या के कारण उन गांवों के लोग पिछले 20 सालों से अपने खेतों में कोई फसल नहीं उगा पा रहे हैं। जिसके कारण वे कृषि कार्य से पूरी तरह से दूर हो चुके हैं और उसके चलते अधिकांश किसानों ने कहीं मजदूरी तो कहीं बाहर जाकर अन्य कार्य करने भी शुरू कर दिए हैं। इतनी जमीन होने के बाद भी दूसरे गांवों में पट्टे पर जमीन लेकर कृषि करने को मजबूर हैं। सेम की समस्या का मुद्दा तो कई बार विधानसभा में भी उठ चुका है और हथीन के पूर्व विधायक केहर सिंह रावत तो एक महीने तक लगातार हड़ताल पर भी बैठ चुके हैं। हथीन उपमंडल में यह समस्या गांव बिघावली, छांयसा, मठेपुर, जलालपुर, महलूका, दूरेंची, हुंचपुरी, रणसीका, स्यारौली, मढ़नाका, मंडकोला सहित कई गांवों में है।
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गोछी ड्रेन में ठोकर लगाने से बनी है समस्या
सिंचाई विभाग द्वारा गोछी ड्रेन की सफाई के लिए छह करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया था, लेकिन अधिकारियों व ठेकेदारों की मिलीभगत के चलते ड्रेन में नीचे तक खुदाई करने के बजाय उसे समतल कर ड्रेन में ठोकर बना दी गई। ऐसा कारना गांव तक खेतों में नहरी पानी पहुंचाने के लिए किया गया। जिसके चलते पानी नहर में चलने के बजाय आसपास के गांवों में खेतों में घुस गया। इससे सेम की समस्या उत्पन्न हो गई। यदि समय रहते ड्रेन की खुदाई ठीक से नहीं की गई और ठोकर को नहीं हटाया गया तो इन खेतों में सेम की समस्या इस कदर बढ़ जाएगी कि आगे कभी हथीन उपमंडल के गांवों की तरह किसान खेती नहीं कर पाएंगे।
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सिंचाई विभाग के अधिकारियों व ठेकेदारों की मिलीभगत से यह समस्या बनी है। इस समस्या का कारण गोछी ड्रेन की सही खुदाई न होना है। यदि पूरी खुदाई हो जाती तो नीचे चोआ बन जाता। जिससे खेतों में पानी नहीं घुसता। इस समस्या के चलते मेरी 15 एकड़ जमीन में खड़ी गन्ना व कपास की फसल खराब हो गई। -विजय सिंह, किसान अल्लीका
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सेम की समस्या के चलते गांवों में किसान बरबाद हो रहे हैं। इस समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए। किसान इस मांग को लेकर जल्द ही उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेंगे तथा समस्या से अवगत कराएंगे। मांग की जाएगी कि पानी निकासी के इंतजाम हो, ताकि आगे किसान अन्य फसलों की बुवाई कर सकें। -देवी सिंह कुंडू, ग्रामीण
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इस बारे में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात की है। उन्होंने पटवारियों व गिरदावरों की ड्यूटी लगाई जाएगी। जल्द ही खेतों में खड़े पानी की निकासी के इंतजाम कराए जाएंगे। मेरा प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान होना चाहिए, ताकि किसानों को नुकसान न हो। -दीपक मंगला, विधायक पलवल
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फोटो 11पीएएलपी-9,10,11,12,13 में हैं।
कैप्शन: 9- पलवल के गांव अल्लीका में खेतों में भरा हुआ पानी
कैप्शन: 10- पलवल में खेतों में पानी भरने से खराब हुई पड़ी कपास की फसल
कैप्शन: 11- विजय सिंह
कैप्शन: 12- देवी सिंह
कैप्शन: 13- दीपक मंगला, विधायक पलवल
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