पलवल। आंगनबाड़ी वर्कर एंड हैल्पर यूनियन की हड़ताल 76वें दिन भी जारी रही। हड़ताल के तहत आयोजित धरने में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ सरकार का व्यवहार गैर जिम्मेदाराना है। यह सरकार के महिला हितैषी होने के दावे को तार-तार करने वाला है। महिला एवं बाल विकास विभाग का काम करने वाली महिलाएं 76 दिन से सड़कों पर बैठी हैं, उसके बावजूद सरकार सुनवाई नहीं कर रही हैं। सोमवार को धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान उर्मिला रावत ने की।
धरने में किसान सभा के जिला प्रधान धर्मचंद व ताराचंद ने कहा कि सरकार 52 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ धोखा कर रही है। सरकार ने 18 फरवरी को मांगों पर बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन सरकार यूनियन को बातचीत का पत्र देकर बातचीत से मुकर गई। अब सरकार ने 21 फरवरी को यूनियन को चढ़ीगढ़ में बातचीत के लिए बुलाया। सरकार यूनियन से बातचीत करके समस्याओं का समाधान करें, वरना कार्यकर्ता हड़ताल में मजबूती से डटे हैं और आंदोलन का कोई भी कड़ा कदम उठाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कुशल-अर्धकुशल कैटेगरी करते हुए महंगाई भता देने की बात विधानसभा की कार्रवाई में दर्ज है।
उर्मिला रावत ने कहा कि राज्य सरकार को बर्खास्त कर्मचारियों को तुरंत बहाल करते हुए मांगों का हल निकालना चाहिए। धरने को किसान सभा के जिला सचिव रूपराम तेवतिया, सीटू के जिला सचिव भागीरथ बेनीवाल, आंगनबाड़ी की जिला कैशियर कमला, उप प्रधान शशि देवी, कृष्णा देवी, बिमलेश, मकीना, सीमा देवी, राजबती, माया, विनेश ने भी संबोधित किया।