पलवल। गंदगी के कारण बढ़ रहे बुखार, डेंगू व मलेरिया के प्रकोप को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। प्रशासन ने 10-10 गांवों को चयनित कर पूरे प्रशासनिक अमले की ड्यूटी लगाई है। अधिकारियों की देखरेख में सबसे पहले ज्यादा बुखार प्रभावित गांवों में सफाई व शुद्ध पेयजल व्यवस्था से लेकर जलभराव की समस्या को दूर किया जा रहा है।
सबसे पहले हथीन के गांवों में अभियान शुरू किया गया है। इसके बाद जिले के 10-10 गांवों की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। अभियान जिला उपायुक्त कृष्ण कुमार की देखरेख में चलाया जा रहा है। अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया, जिसकी निगरानी स्वयं जिला उपायुक्त कर रहे हैं। दरअसल, पिछले एक माह में जिले के अंदर बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ गई। पहली बार बुखार से होने वाली मौत का आंकड़ा भी चौंकाने वाला है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे रहस्यमयी बुखार का नाम दिया। वैसे तो मौसम बदलने पर वायरल बुखार की समस्या हर वर्ष देखी जाती है, लेकिन इस बार बुखार से काफी लोगों की मौत हुई है। लगातार हो रही मौतों को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया। जिला उपायुक्त कृष्ण कुमार ने बुखार पीड़ित गांवों में अस्थायी अस्पताल बनवाकर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कर्राइं। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान पाया कि गांवों की चरमराई सफाई व्यवस्था बीमारी का मुख्य कारण है। इसके अलावा गांवों में पेयजल व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं है। जिला उपायुक्त ने प्रभावित गांवों में विशेष रूप से अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया। गांवों में सफाई व पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त किया गया, जिसके बाद स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में आ गई। अब उपायुक्त ने पूरे जिले के गांवों में अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
ग्राम पंचायत भंग होने के कारण गांवों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। इसलिए पूरे जिले में 10-10 गांवों के समूह में अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। अभियान के दौरान विशेष तौर से वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो गांव की सफाई व पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करा रहे हैं। गांव की अन्य समस्याओं को भी दुरुस्त कराया जा रहा है। - कृष्ण कुमार, जिला उपायुक्त