राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाते
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पलवल। राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम का मुख्य कारण अतिक्रमण पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। एसडीएम वैशाली सिंह के नेतृत्व में भारी मात्रा में पुलिस बल और नगर परिषद की टीम ने बस स्टैंड चौक पर दोनों तरफ अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। जवाहर नगर कैंप तक चलाए गए अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी, डीएसपी सत्येंद्र, डीएसपी शिव अर्चन शर्मा और नगर परिषद के भी तमाम अधिकारी मौजूद रहे। नगर परिषद की जेसीबी की सहायता से करीब 100 दुकानों के सामने लगे टीन शेड, बोर्ड, दुकानों के सामने बनाए गए चबूतरों, रैंप आदि को धराशायी कर दिया गया। इसके अलावा रेहड़ी-पटरी को तय दायरे में रहने की हिदायत दी गई।
दरअसल, अतिक्रमण कर शहर के स्वरूप को बिगाड़ने वाले दुकानदारों और अन्य लोगों के खिलाफ प्रशासन सक्रिय है। शहर में 24 घंटे जाम लगाने में अतिक्रमण अहम भूमिका निभा रहा है। हालात यह है कि शहर में लोगों के पैदल चलने के लिए बनाए गए फुटपाथ कहीं नजर नहीं आते। दुकानदार अपने दुकान के आगे टीन शेड, बोर्ड व चबूतरे बनाकर अतिक्रमण किए थे। शुक्रवार को प्रशासन दल-बल के साथ अतिक्रमण हटवाने के लिए पहुंचा तो दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। दुकानदार अपना सामान अंदर करते नजर आए। दुकानदारों ने दुकानों के बाहर रखे सामान को अंदर रख लिया, परंतु टीन शेड व बोर्डों को प्रशासन ने जेसीबी मशीन से हटवाकर कब्जे में ले लिया। इस दौरान काफी दुकानदार विरोध करते नजर आए।
25 वाहनों के भी किए गए चालान
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी विकास शर्मा के मुताबिक, उनके द्वारा सुबह 8 से लेकर शाम 4 बजे तक राजमार्ग पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रहे एलिविटेड फ्लाईओवर के नीचे अवैध पार्किंग करने वाले वाहनों के भी चालान किए गए। करीब 25 वाहनों के चालान यातायात पुलिस द्वारा किए गए। विकास शर्मा के मुताबिक, अतिक्रमण हटाओ अभियान अब हर सप्ताह में दो दिन चलेगा और अवैध पार्किंग करने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा।
कई दिनों से करवाई जा रही है मुनादी
एसडीएम वैशाली सिंह ने बताया कि अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया है। पिछले कई दिनों से माइक के माध्यम से अतिक्रमण हटाने के लिए मुनादी करवाई जा रही है। दुकानदारों को नोटिस भी भिजवाए गए। नगर परिषद अधिकारियों ने दुकान-दुकान जाकर अतिक्रमण हटाने की अपील भी की, लेकिन फिर दुकानदार नहीं माने। इस कारण अतिक्रमण पर कार्रवाई की गई। आगे भी यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।