प्रशासन के दावे फेल, मीट की दुकानें नहीं गईं शहर से बाहर
दो माह बीते, नगर परिषद तैयार नहीं करा पाया मीट मार्केट
- रसूलपुर रोड पर 15 साल पहले ही बनाई थी मार्केट, अभी दुरुस्त नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। प्रशासन के दावों के बाद भी दो माह बीतने पर शहर से मीट की दुकानों को बंद नहीं कराया जा सका है। नगर परिषद के अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। जिस कारण शहर के लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि वे एक बार फिर उपायुक्त से मिलेंगे तथा उनके द्वारा शहर के अंदर खुुली हुई मीट की दुकानों को बंद करा मीट मार्केट में तब्दील कराने की याद दिलाएंगे। लोग इस बात से भी खफा हैं कि नवरात्रों के दौरान भी मीट मार्केट बंद नहीं कराई जा सकी।
100 के करीब चल रही हैं मीट की दुकानें
शहर के अंदर अवैध रूप से 100 के करीब मीट की दुकानें चल रही हैं। ये दुकानें ज्यादातर रिहायशी क्षेत्रों में उन स्थानों पर चल रही हैं, जहां लोगों की संख्या अधिक रहती है। दिन में ही दुकानों पर मीट विक्रेेता पशु-पक्षियों को काटते रहते हैं। जिस कारण लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, साथ ही उन्हें परेशानी भी होती है। इन मीट विक्रेताओं के पास मीट बेचने का लाइसेंस तक नहीं हैं। नगर परिषद से न ही इसके लिए कोई अनुमति है, लेकिन परिषद के कुछ अधिकारियों द्वारा मिलीभगत कर खुलेआम ये दुकानें चलाई जा रही हैं। जबकि शहर से बाहर नगर परिषद द्वारा मीट मार्केट बनाई हुई है।
मार्केट में हैं 45 दुकानें
नगर परिषद द्वारा रसूलपुर रोड पर मीट मार्केट बनाई हुई है। उस मार्केट में करीब 45 दुकानें, स्लाटर हाउस व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं थीं। लेकिन आज 15 साल बीतने के बाद भी मीट विक्रेता इस मार्केट में नहीं गए और शहर के अंदर ही दुकानों को खोलकर बैठे हैं। जबकि शहर के लोग इस बात की लड़ाई लड़ रहे हैं कि मीट की दुकानों को शहर से बाहर बनाई गई मीट मार्केट में तब्दील कराया जाए, परंतु नगर परिषद अधिकारियों ने आज तक इस ओर ध्यान नहीं दिया। आर्य समाज से जुड़े लोगों ने इस बारे में अदालत में मुकदमा भी दायर किया हुआ है।
पिछले दिनों उपायुक्त ने दिए थे दुकानों को मार्केट में तब्दील कराने के आदेश
पिछले दिनों शहर के लोगों व पंचोवन मंदिर के महंत कामता दास की मांग पर उपायुक्त ने मीट विक्रेताओं को मीट मार्केट में जान के आदेश दिए थे। मीट विक्रेताओं द्वारा मार्केट की हालत खराब होने की बात कहने पर उपायुक्त ने नगर परिषद अधिकारियों को आदेश दिए थे कि 15 दिन के अंदर मार्केट को दुरुस्त कराया जाए, ताकि इन्हें वहां भेजा जा सके। आज दो माह बीतने को है लेकिन मार्केट को दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। जिसके चलते आज भी शहर के अंदर मीट की दुकानों खुली हुई हैं। आर्य संन्यासी महात्मा श्रद्धानंद, महंत कामता दास महाराज सहित शहर के सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है वे जल्द उपायुक्त से मिलेंगे।
इस बारे में जानकारी लेंगे कि मार्केट में क्या कमी रह गई है। उस कमी को जल्द दूर करा शहर से बाहर इन मीट की दुकानों को मार्केट में भिजवाया जाएगा। जनभावनाओं से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। - डा. मनीराम शर्मा, उपायुक्त