धरने पर बैठे लोगों को समझाते एचएसआरडीसी के अधिकारी।
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पलवल। रसूलपुर रोड स्थित रेलवे फाटक पर पुल बना रही ठेकेदार कंपनी पर करीब 46 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। हरियाणा स्टेट रोड एंड ब्रिज डेवलपमेंट कारपोरेशन (एचएसआरडीसी) द्वारा पुल निर्माण के लिए चल रहे धरने के कारण यह जुर्माना लगाया गया है। साथ ही ठेकेदार कंपनी को छह माह के अंदर काम पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग के अधिकारियों के आश्वासन के बाद मंगलवार को लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।
दरअसल, रसूलपुर रेलवे फाटक पर 18 अक्तूबर 2018 को पुल का शुभारंभ हुआ। करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से आरओबी को 18 महीने में पूरा किया जाना था। पुल का कार्य अब तक 50 फीसदी ही पूरा हुआ है। फाटक बंद किया हुआ है और निर्माण कार्य के अधर में लटकने से 70 से अधिक गांवों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुल न बनने से परेशान लोग बीती 31 जनवरी को धरने पर बैठ गए। पिछले 16 दिन से लोग धरने पर बैठे हुए थे।
मंगलवार को एचएसआरडीसी की तरफ से अधिकारी धरने पर पहुंचे और लोगों से धरना समाप्त करने के लिए कहा, लेकिन लोग पुल का निर्माण कार्य जल्द से जल्द कराने की मांग पर अड़े रहे। एचएसआरडीसी के डीजेएम राहुल सिंह ने लोगों को विश्वास दिलाया कि काम में देरी बरतने वाली कंपनी पर 45,65,411 का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने जुर्माना संबंधित नोटिस भी लोगों को दिखाया। उन्होंने लोगों को बताया कि जिला उपायुक्त व एसडीएम के साथ बैठक कर ठेकेदार कंपनी को छह माह का समय दिया गया है। यदि छह माह में कार्य पूरा नहीं हुआ तो ठेका रद्द कर दूसरी कंपनी को दिया जाएगा।
लोगों ने लड्डू बांटकर जताई खुशी
धरना समाप्त होने की खुशी में लोगों ने लड्डू बांटकर खुशी जताई। धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि यह उनके संघर्ष की जीत हुई है। पिछले कई वर्षों से पुल का कार्य बंद पड़ा हुआ था, लेकिन कोई अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहा था। लोगों ने आंदोलन का मन बनाया और सुनवाई हुई। अधिकारियों ने छह माह में पुल का कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया है। यदि कार्य पूरा नहीं हुआ तो दोबारा आंदोलन होगा। इस अवसर पर रामकरण भारद्वाज, कुलदीप बैंसला, जितेंद्र बैंसला, जोगेंद्र डागर मुख्य रूप से मौजूद थे।