संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। बिजली निगम द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जगमग योजना के तहत 24 घंटे बिजली देने की योजना आज तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। स्थिति यह बनी हुई है कि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश फीडरों में यह योजना लागू नहीं हो पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को निर्धारित नियमों के तहत बिजली की सप्लाई नही मिल रही है। इस कारण उपभोक्ता 24 घंटे तो दूर 6 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है।
हथीन उपमंडल के 51 गांवों को जगमग योजना की बजाय सामान्य शेड्यूल से ही बिजली सप्लाई की जा रही है। मात्र चार फीडरों के 27 गांवों के लोगों को जगमग योजना का लाभ मिल रहा है। बिजली निगम के सूत्रों ने बताया कि जिन फीडरों में 20 प्रतिशत तक बिजली का लाइन लॉस है। उन्हीं फीडरों को 24 घंटेे बिजली आपूर्ति की जाती है। जिन फीडरों में अधिक लाइन लॉस होता है वहां सामान्य शेड्यूल से ही बिजली आपूर्ति की जाती है। हथीन के खन्दावली फीडर में 65 प्रतिशत तक लाइन लॉस है। इस कारण जगमग योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
जगमग योजना को लागू करने के लिए बिजली निगम ने एलटी लाइनें लगाई थीं तथा बिजली मीटर भी घरों के बाहर लगाए गए थे। इसके बावजूद बिजली चोरी से होने वाला लाइन लॉस कम नही हो पाया। बिजली चोरी पर अंकुश नही लग पा रहा है। जो उपभोक्ता बिजली चोरी नहीं करते हैं उन्हें भी पर्याप्त मात्रा में सप्लाई नहीं मिल रही है। इस कारण उपभोक्ताओं में रोष है। स्थिति यह बनी हुई है कि खन्दावली फीडर को अधिक बिजली चोरी के कारण निजी ठेकेदार के नियंत्रण में कर दिया है। शेष फीडरों क्लींजर, मालूका, हुडिथल, उटावड, बहीन, गहलब, पावसर एवं अन्य फीडरों में लाइन लॉस अधिक है। इस कारण संबंधित उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली सप्लाई नही मिल रही है।
पहाड़ी गांव निवासी जवाहर सिंह रावत का कहना है कि बिजली चोरी रोकना निगम के अधिकारियों की जिम्मेदारी है। जो उपभोक्ता ईमानदारी से बिजली बिल भरते हैं और कोई चोरी नहीं करते हैं, उनको 24 घंटे की सप्लाई दी जानी चाहिए। उपभोक्ता लवकुश रावत ने बताया कि बिजली कटौती ज्यादा की जा रही है। अघोषित कटौती बंद करनी चाहिए।
वर्जन
फीडरों में लाइन लॉस ज्यादा है, वहां सामान्य शेड्यूल के तहत 16 घंटे बिजली सप्लाई दी जाती है। उन्होंने बताया कि बिजली चोरी रोकने के लिए छापेमारी जारी रहती है। उपभोक्ताओं से अपील है कि बिजली चोरी न करें। लाइन लॉस कम होगा तो 24 घंटे बिजली सप्लाई उपलब्ध कराई जाएगी।
- कुलदीप यादव, उपमंडल अधिकारी, बिजली निगम