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हरियाणा में फसल सत्यापन में अड़चन: समाधान के लिए कंट्रोल रूम पर कॉल कर रहे किसान, एक दिन में 842 कॉल प्राप्त

Wed, 08 Apr 2026 08:53 PM IST
Naveen अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

कंट्रोल रूम पर सर्वाधिक परामर्श फसलों के सत्यापन को लेकर मांगा जा रहा है। किसानों को इसी प्रकरण में सबसे अधिक समस्याएं हो रही हैं और इसी वजह से गेटपास बनवाने में दिक्कतें हैं। मेरी फसल मेरा-ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले किसानों का 3 तीन तरह से सरकार सत्यापन करा रही है।
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कंट्रोल रूम में किसानों की ओर से किए गए फोन काॅल सुनते हुए तैनात कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा की मंडियों में रबी फसलों की खरीद के बीच किसानों को फसल सत्यापन से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समस्याओं के समाधान के लिए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने पंचकूला सेक्टर-6 स्थित मुख्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया है जहां किसान टोल फ्री नंबर पर कॉल कर मार्गदर्शन ले रहे हैं।

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1 अप्रैल से मंगलवार तक कंट्रोल रूम पर कुल 842 कॉल प्राप्त हुए हैं जिनमें से करीब 70 प्रतिशत कॉल फसल उत्पादन सत्यापन से संबंधित हैं। प्रदेश की 416 मंडियों में गेहूं और 112 मंडियों में सरसों की खरीद जारी है। कंट्रोल रूम में 10 कर्मचारी तैनात हैं और यहां सोमवार से शनिवार तक सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक कॉल की सुविधा उपलब्ध है। किसान गेटपास बनवाने से पहले आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए यहां संपर्क कर रहे हैं।

गेटपास से पहले सत्यापन में आ रही दिक्कत
किसानों की सबसे बड़ी समस्या मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज उत्पादन और वास्तविक क्षेत्रफल के बीच अंतर को लेकर सामने आ रही है। रोहतक के एक किसान ने बताया कि 7 एकड़ फसल दर्ज होने के बावजूद सिस्टम में केवल 1.5 एकड़ का उत्पादन दिख रहा है। झज्जर के एक किसान को 30 एकड़ से अधिक फसल के सत्यापन में दिक्कत आई। विभाग ने स्पष्ट किया कि 30 एकड़ से अधिक फसल का सत्यापन एसडीएम स्तर पर किया जाता है जबकि इससे कम क्षेत्र की फसल का सत्यापन पटवारी और राजस्व विभाग की टीम ई-गिरदावरी के माध्यम से करती है।
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3 में से कोई दो सत्यापन एक जैसे तो नहीं होती अड़चन
कंट्रोल रूम पर सर्वाधिक परामर्श फसलों के सत्यापन को लेकर मांगा जा रहा है। किसानों को इसी प्रकरण में सबसे अधिक समस्याएं हो रही हैं और इसी वजह से गेटपास बनवाने में दिक्कतें हैं। मेरी फसल मेरा-ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले किसानों का 3 तीन तरह से सरकार सत्यापन करा रही है। पहला तो कृषि विभाग की टीम सत्यापन कर रही है। दूसरा राजस्व विभाग सत्यापन करता है। तीसरा सत्यापन हरसेक के माध्यम से हो रहा है। 3 में से कोई भी दो सत्यापन एक जैसे होते हैं तो गेटपास में कोई दिक्कत नहीं होती। यदि तीनों सत्यापन अलग-अलग होते हैं तो गेटपास दोबारा से जांच के बाद ही बनता है। इन समस्याओं के समाधान भी किसानों को बताए जा रहे हैं। आवक जितनी अधिक बढ़ रही है, उतने ही फोन काॅल किसानों की अधिक आ रहे हैं।
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कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक कर सकेंगे काॅल
18001802060

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