हरियाणा के स्कूलों में लंबी छुट्टी पर जाने वाले शिक्षकों के स्थान पर रिटायर्ड शिक्षकों को कांट्रैक्ट पर रखा जाएगा। यह फैसला मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में लिया गया।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि लंबी छुट्टी पर जाने वाले शिक्षकों का पद रिक्त नहीं माना जाता। अब इस पद को अस्थाई तौर पर रिक्त मानते हुए रिटायर्ड टीचरों को अस्थाई तौर पर रखा जाएगा ताकि स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर असर न पड़े।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इसके लिए रिटायर्ड अध्यापकों की सूची तैयार की जाए। जो अध्यापक रिटायर होने जा रहे हैं, उन्हें स्कूलों में दोबारा रखा जाना चाहिए ताकि शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों का नुकसान न हो।
उनके अनुबंध में यह उल्लेख हो कि उन्हें सरकारी स्कूलों में जरूरत के अनुसार ही रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि सूची तैयार करते समय सेवानिवृत्त अध्यापकों को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री को अफसरों ने जानकारी दी कि मातृत्व अवकाश, शिशु देखभाल अवकाश, दीर्घावधि अनुपस्थिति और चिकित्सीय अवकाश पर शिक्षक जाते हैं। इससे स्कूलों में अध्यापकों की कमी हो जाती है और अध्यापन कार्य प्रभावित होता है।