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डेढ़ घंटे गूंजती रहीं गांव में चीखें, प्रेमियों को ये दी खौफनाक सजा

Fri, 20 Sep 2013 12:05 AM IST
रोहतक/अनिल शर्मा
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रोहतक के गांव गरनावठी में बुधवार को हुई ऑनर किलिंग के मामले में ग्रामीण इस कद्र तक संवेदनहीन हो गए थे कि डेढ़ घंटे तक गांव में प्रेमी जोड़े की चीखें गूंजती रहीं, लेकिन उन्हें बचाने के लिए कोई आगे नहीं आया।
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जब गांव में युवती निधि के परिजन उसका और धर्मेंद्र का अपहरण करके लाए थे तब भी किसी ने पुलिस को फोन नहीं किया। यदि कोई हिम्मत करके पुलिस को फोन कर देता उनकी जान बच जाती।

पूछताछ में हत्या आरोपी युवती के पिता नरेंद्र और चाचा रविंद्र ने बताया कि उन्होंने पहले निधि की हत्या की क्योंकि वह धर्मेंद्र को बचाने के लिए बहुत शोर मचा रही थी। बताया जा रहा है कि दोनों शादी कर चुके थे। इसकी भनक परिजनों को लग गई थी। इस वजह से वे मंगलवार रात फरार हो गए।
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पापा धर्मेंद्र को मत मरो, चाहे मुझे जान से मार दो
बहादुरगढ़ से प्रेमी जोड़े का अपहरण कर युवती के परिजन उसे गरनावठी लेकर आए। युवती के घर के एक कमरे में उन्हें अलग-अलग बांधा गया। इसके बाद उन्हें पहले पीट-पीटकर अधमरा किया गया। आरोपी पिता ने बताया कि जब वे धर्मेंद्र के साथ मारपीट कर रहे थे तो निधि बीच-बीच में उसे छोड़ने को कह रही थी, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया और निधि की गर्दन धड़ से अलग कर दी। आरोपियों ने यह बताया कि युवती बार-बार यह कह रही थी कि भले ही उसे जान से मार डालो, परंतु धर्मेंद्र को छोड़ दो। अपने प्रेमी की जान बचाने के लिए निधि परिजनों के सामने खूब गिड़गिड़ाई थी, परंतु उनका दिल नहीं पसीजा। युवती की हत्या के बाद युवक का सिर भी धड़ से अलग कर दिया। युवती का शव फूंकने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस ने उसे अधजली हालत में बरामद किया। मामले की जंाच कर रहे कलानौर थाना प्रभारी ने बताया कि पहले युवती की हत्या की गई थी, बाद में युवक की हत्या कर शव उसके घर के बाहर फेंक दिया था।
 

दोस्त भी दे गया दगा, कातिलों को ले आया प्रेमी जोड़े तक
रोहतक। गांव गरनावठी में बुधवार को हुई ऑनर किलिंग में प्रेमी जोड़े की जान बच जाती यदि वे पैसे मांगने के लिए अपने दोस्त को फोन नहीं करते। मंगलवार रात को निधि और धर्मेंद्र गांव से फरार हो गए थे। रात से ही युवती के परिजन उनकी तलाश में जुटे थे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।

धर्मेंद्र ने बुधवार सुबह अपने दोस्त से दिल्ली से बाहर जाने के लिए आर्थिक मदद मांगी। उस वक्त उसका दोस्त निधि के घर पर था। युवती के परिजनों ने ही उसे और धर्मेंद्र के भाई को वहां पर शक के आधार पर बैठा रखा था। युवती के पिता नरेंद्र उर्फ बिल्लू को जैसे ही भनक लगी कि फोन धर्मेंद्र का है तो उन्होंने दोस्त को झांसे में ले लिया। पुलिस पूछताछ में नरेंद्र ने बताया कि उन्होंने दोस्त को कहा था कि वे निधि और धर्मेंद्र को माफ कर देंगे। इसके बाद उन्होंने धर्मेंद्र के भाई को भी घर बुलवा लिया। उन्होंने दोस्त से फोन करवाया कि बहादुरगढ़ बस स्टैंड पर आ जाओ।

इसके बाद वे धर्मेंद्र के भाई और दोस्त को साथ लेकर बहादुरगढ़ के लिए रवाना हो गए। जब निधि और धर्मेंद्र बहादुरगढ़ पहुंचे तो युवती के परिजनों ने उन्हें अपनी गाड़ी में बैठा लिया और उसके भाई और दोस्त को वहीं छोड़ दिया। एसपी राजेश दुग्गल ने बताया कि धर्मेंद्र ने दोस्त के पास फोन आने के बाद युवती के परिजनों को उनकी लोकेशन का पता चला और बहादुरगढ़ से प्रेमी जोड़े को उठाया गया। उन्हें गरनावठी में लाकर काट डाला।
 

संस्कार करने को भी राजी नहीं थे परिजन, पुलिस ने मुश्किल से मनाया
निधि और धर्मेंद्र के शवों के पोस्टमार्टम के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल बनाया गया। सिविल अस्पताल के डॉ. अजीत के नेतृत्व में दोनों के शवों का पोस्टमार्टम किया गया। धर्मेंद्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि तेजधार हथियार से पहले वार किए गए हैं और बाद में सिर धड़ से अलग किया गया है। निधि का शव जला होने के कारण विसरा जांच के लिए मधुबन भेजा गया है। पहले दोनों के शव लेने को परिजन राजी नहीं हुए। पुलिस ने गांव के सरपंच और मौजिज लोगों से बातचीत कर दोनों के परिजनों को मनाया। सुरक्षा के बीच दोनों का अलग-अलग दाह संस्कार किया गया।
 
युवक के परिजनों ने तोड़ी चुप्पी, दिए बयान
रोहतक। गांव गरनावठी में हुई निधि और धर्मेंद्र की हत्या के मामले में वीरवार को आखिरकार मृतक के भाई पवन और चाचा सतबीर ने चुप्पी तोड़ी। पहले हत्या पर कुछ भी बोलने से इंकार करने वाले युवक के भाई और चाचा के 175 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज किए गए। दोनों ने बताया कि योजनाबद्ध तरीके से धर्मेंद्र की हत्या की गई है। दोनों पक्षों के बयान हत्या के मामले में तब्दील हो जाएंगे। पवन ने पुलिस को बताया कि घटना के वक्त वे खेत में गए हुए थे। उसके भाई धर्मेंद्र और निधि के बीच तीन साल से प्रेम-संबंध थे, जिसको लेकर युवती के परिजन नाराज थे। उन्होंने योजना बनाकर उसके भाई की हत्या की है। इसी तरह पुलिस ने मृतका निधि के परिवार के सदस्य आनंद और रामेश्वर के भी बयान दर्ज किए हैं जोकि रिश्ते में उसके दादा हैं।


गांव में पसरा खौफ, दबी जुबान में चर्चा
गांव गरनावठी (रोहतक)। प्रेमी युगल धर्मेंद्र और निधि की हत्या से गांव गरनावठी में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीण घटना को लेकर इस कद्र खौफ में हैं कि वे सब कुछ जानते हुए भी अंजान बने हुए हैं। युवक और युवती के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। छोटे से लेकर बड़े तक सब इस वारदात की चर्चा कर रहे हैं, लेकिन पुलिस को कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। युवक और युवती के घर के बाहर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ था और गली भी सुनसान पड़ी थी। महिलाएं तो पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं, बुजुर्ग हत्या पर अफसोस करने की बजाय यही कह रहे हैं कि सामाजिक ताना-बाना बिखरने लगा है।


ऑनर किलिंग पर जनवादी महिला समिति ने सरकार को घेरा
रोहतक। जनवादी महिला समिति ने गरनावठी में बुधवार को इज्जत के नाम पर प्रेमी जोड़े की हत्या करने की कड़ी निंदा की है। जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव सविता ने कहा कि इस तरह की क्रूर और बर्बर घटना हमें मध्ययुगीन समाज की मानसिकता की याद दिलाती है। हरियाणा में एक साल में ही दर्जनों ऐसी वारदात हो चुकी हैं। राज्य सरकार और राजनीतिक पार्टियां भी अपने वोट बैंक की वजह से ऐसे मसलों पर चुप्पी साधे रहती हैं। समिति लंबे समय से इज्जत के नाम पर होने वाले अपराधों पर अलग से कड़ा कानून बनवाने की मांग को लेकर संघर्षरत है। पिछले दिनों इस बारे में राज्य से लाखों हस्ताक्षर कराकर ज्ञापन केंद्रीय कानून मंत्री को सौंपा गया था। इससे संबंधित कानून का ड्राफ्ट भी केंद्र सरकार को सौंपा गया है, परंतु खापों के वोट बैंक के चलते यह कानून संसद में नहीं रखा गया।


प्रदेश में पहला केस नहीं
- जून 2007 में कैथल के मनोज और बबली को इज्जत के नाम पर काट डाला था।
- 2010 में रोहतक के बलंबा में भी प्रेमी युगल को काट डाला गया था


यह पारिवारिक मामला है : अहलावत
गरनावठी में जो कुछ हुआ है, उस पर खाप पंचायत किसी प्रकार की कोई टिप्पणी नहीं करती। यह पारिवारिक मामला है। पहले भी खाप पंचायत ऑनर किलिंग जैसे मामलों के पक्ष में नहीं रही है। साथ ही पिछले दिनों खाप पंचायत बैठक कर यह निर्णय ले चुकी हैं कि लड़का-लड़की के मामले में खाप पंचायतें कोई निर्णय नहीं सुनाएंगी।
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- हरदीप सिंह अहलावत, प्रधान, 84 खाप 

कोट
युवक-युवती की हत्या के बाद गांव में किसी भी तरह का तनाव नहीं है। धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य हो जाएगा।
- बलवान सिंह, सरपंच, गरनावठी


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