हरियाणा के जिला फतेहाबाद के टोहाना शहर में लावारिस पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं के लिए उनके मालिक जिम्मेदार होंगे। ये पशु चाहे डेयरी संचालक के हों या सामान्य लोगों के।
नगर परिषद और पशुपालन विभाग आबादी की डेयरियों में मौजूद पशुओं का रिकॉर्ड तैयार कर इनकी जांच करेगा। शहर में लावारिस घूमने वाली गायों को तीनों गउशाला मेें शरण दी जाएगी।
ये निर्देश एसडीएम योगेश कुमार मेहता ने वीरवार को गउशाला प्रतिनिधियों, नगर परिषद और पशुपालन विभाग की एक संयुक्त बैठक में दिए।
इसमें लावारिस पशुओं से निजात पाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सांड़ों और अन्य आवारा पशुओं के लिए नंदी शेड बनाने के लिए गांव बलियाला स्थित सिंचाई विभाग की 79 कनाल भूमि नगर परिषद को हस्तांतरित करने की कवायद भी शुरू कर दी गई है, जिसमें शहर भर के लावारिस पशुओं को शरण दी जा सके।
एसडीएम ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार व पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. एसके ग्रोवर को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर सभी डेयरियों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिया।
नंदीशाला की जगह के सवाल पर तय किया गया कि इसके लिए गांव बलियाला स्थित सिंचाई विभाग की 79 कनाल भूमि नगर परिषद को हस्तांतरित करवाई जाएगी, जिससे शहर भर के आवारा पशुओं को शरण दी जा सके।
इसके लिए नप को सिंचाई विभाग से पत्राचार करके यह जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया।
इस मौके पर गउशाला प्रतिनधि संजीव सिंगला, अशोक बंसल, लक्ष्मण दास, सुशील गर्ग, सज्जन कुमार, विनोद गुप्ता, गौरव गोयल, मनोज मेहता, नरेंद्र गर्ग, नप जेई हवासिंह, जितेंद्र, हरीश कुमार व लखमिंदर सिंह आदि उपस्थित थे।