हरियाणा में स्थापित धर्मशालाओं पर अब प्रापर्टी टैक्स नहीं लगेगा।
हरियाणा सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल किए हलफनामे में यह जानकारी दी है।
मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार के वकील ने कहा कि इस संबंध में जारी अधिसूचना को वापस ले लिया गया है।
नई अधिसूचना के तहत सभी धर्मशालाओं को प्रापर्टी टैक्स के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है। हरियाणा सरकार केहलफनामे को रिकार्ड में लेकर चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस एजी मसीह पर आधारित खंडपीठ ने सेठ नानक चंद तुलेराम जुंठरा ट्रस्ट की तरफ से दाखिल जनहित याचिका का निपटारा कर दिया।
हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया कि ट्रस्ट सिरसा में धर्मशाला चला रही है।
धर्मशाला जनरल पब्लिक के वेलफेयर में चलाई जा रही है। धर्मशाला को इंकम टैक्स एक्ट व वेल्थ टैक्स एक्ट के तहत भी छूट दी गई है।
याचिका में कहा गया कि मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा, चेरीटेबल हास्पिटल, डिस्पेंसरी, अनाथालय, नगर निगम की इमारतों और भूमि, श्मशान घाट और सरकारी स्कूलों और कार्यालयों को प्रापर्टी टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है।
अधिसूचना में नगर निगम के दायरे में आने वाली इमारतों व भूमि के साथ धर्मशालाओं को प्रापर्टी टैक्स का भुगतान करने के दायरे में रखा गया था।
याचिका में हाईकोर्ट से आग्रह किया गया है कि धर्मशालाएं लोगों के हितों के लिए काम कर रही हैं, लिहाजा इन्हें प्रापर्टी टैक्स के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए।
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था।