हरियाणा के यमुनानगर के एक थाने में एक बलात्कार पीड़िता द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या करने की खबरों को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बुधवार को प्रदेश की सरकार और राज्य के पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी किया। दुष्कर्म पीड़िता द्वारा सुसाइड करने के मामले की गूंज चंडीगढ़ और दिल्ली तक पहुंच गई है। विपक्ष ने भी पूरे मामले में निशाना साधा है। जननायक जनता पार्टी ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा दिए हैं।
वहीं एनएचआरसी नोटिस जारी करते हुए कहा है कि पुलिस कर्मियों की स्पष्ट असंवेदनशीलता और लापरवाही भरा रवैया एक गंभीर चिंता का विषय है। यहां जारी एक बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस घटना के बारे में मीडिया में आई खबरों के आधार पर स्वत: संज्ञान लिया है।
गौरतलब है कि हरियाणा के यमुनानगर के जठलाना थाना में एक महिला ने अपने बलात्कार के मामले में पुलिस पर निष्क्रियता बरतने का आरोप लगाते हुये आत्महत्या कर ली थी। आयोग ने हरियाणा के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
जननायक जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला ने बढ़ते अपराधों और खराब होती कानून-व्यवस्था पर चिंता जाहिर करते हुए राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है। दुष्यंत की तरफ से जारी बयान में इसको लेकर प्रदेश के गृहमंत्री एवं मुख्यमंत्री मनोहर लाल को जिम्मेदार ठहराया गया और उनसे बिगड़ी कानून-व्यवस्था पर जवाब मांगा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के हालात देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि मानो जैसे भाजपा सरकार प्रदेश को बदमाशों के हवाले करके सिर्फ वोट मांगने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि एक बेटी को बचाने के लिए कहां गए महिला थाने और कहां गया ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा।