हरियाणा के जिले कैथल के कलायत श्ाहर के गांव हरिपुरा की एक महिला गर्भ में पांच दिनों से मृत बच्चे लिए इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में दाखिल है।
अब तक उसका इलाज नहीं हुआ है। इसकी वजह से गर्भ में इंफेक्शन फैलने और महिला की जिंदगी को खतरा बना हुआ है। एक ओर जहां महिला के पति ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। वहीं अस्पताल प्रशासन के मुताबिक परिजनों की ओर से लिखित में सहमति नहीं दिए जाने के कारण गर्भपात में देरी हो रही है। आपसी झगड़े की वजह से बच्चे की मौत महिला के गर्भ में ही हो गई थी।
महिला के पति हरिपुरा निवासी संजय ने बताया कि गांव के ही कुछ युवकों ने 19 सितंबर की रात में उसकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ की थी। इसके बाद आरोपियों ने उसकी पत्नी के साथ मारपीट भी की थी।
इस संबंध में उसने कलायत पुलिस को शिकायत भी दी है। पुलिस ने मौके पर पहुंच महिला को कलायत के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। यहां महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसको 20 सितंबर को कैथल जिला अस्पताल में रेफर कर दिया।
यहां जब महिला का अल्ट्रासांउड करवाया गया तो गर्भ में बच्चा मृत पाया गया। इसको 23 सितंबर की शाम तक नहीं निकाला जा सका था।
महिला के पति ने बताया कि महिला के इलाज के लिए कई बार अस्पताल प्रशासन से गुुहार लगाए जाने के बावजूद उसकी पत्नी का अब तक इलाज नहीं किया जा सका।
इस संबंध में एसएमओ डॉ. नरेश वर्मा ने कहा कि महिला का गर्भपात करवाए जाने का प्रयास किया गया था। लेकिन परिजन इसके लिए तैयार नहीं हुए। जब तक परिजन लिखित में इस बारे में सहमति नहीं देते, तब तक गर्भपात नहीं करवाया जा सकता।
परिजन जैसे ही सहमति देते हैं, महिला का गर्भपात करवा दिया जाएगा।
कलायत एसएचओ शुक्रपाल सिंह के अनुसार महिला के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उसके बयान के अनुसार मामले की पड़ताल करते हुए केस दर्ज किया जाएगा। इस मामले में पहले से भी एक विवाद के चलते केस दर्ज हो चुका है।