रेवाड़ी के चुनाव ऑफिस में बतौर नायब तहसीलदार तैनात कपिल लांबा ने अपने ही विभाग के चंडीगढ़ बैठे उच्चाधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपित से इच्छामृत्यु मांगने की बात कही है। एक सोशल मीडिया साइट पर अपना वीडियो डालकर मूलत जींद निवासी लांबा ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, यहां तक कहा कि 9 साल की नौकरी में 10 से अधिक बार ट्रांसफर किया जा चुका है।
बता दें कि 18 जुलाई को नायब तहसीलदार (चुनाव कार्यालय ) कपिल लांबा उस वक्त सुर्खियों में आए थे, जब उनका एक वीडियो वायरल हुआ था। उच्च अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंस में वह डॉटा एंट्री ऑपरेटर्स व कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर सरकार से ही भिड़ते दिखाई दिए थे।
एक दिन पहले उन्होंने अपना एक ओर वीडियो जारी किया है, जिसमें वह अपने कई सीनियर अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। कपिल लांबा ने बताया कि मैं जल्द ही इच्छा मृत्यु के लिए राष्ट्रपति को पत्र लिखूंगा। मुझे कई सीनियर अधिकारी मेंटली टॉर्चर कर रहे हैं।
लांबा ने वीडियो के जरिए कहा कि मैंने विभाग से कभी अपने लिए कुछ नहीं मांगा। मैंने सिर्फ कर्मचारियों की भलाई की ही बात उठाई है। जिसके बाद मेरे ऊपर दबाव होने लगा है। मेरे विभाग में मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। मैं जल्द ही इच्छा मृत्यु के लिए राष्ट्रपति को पत्र लिखूंगा। अगर इससे पहले मेरे साथ कोई दुर्घटना या मेरी मौत हो जाती है तो इसके जिम्मेदार राजकुमार, हरिकेश सैनी, सुरेंद्र शर्मा और धर्मपाल होंगे।
अगर मुझे इच्छा मृत्यु की इजाजत मिल जाती है तो मैं ससाइड नोट में इन चारों के ही नाम लिखूंगा। सुसाइड करने से पहले एक और वीडियो जारी करूंगा जिसमें 4-5 और अधिकारियों के नाम भी बताऊंगा। कपिल लांबा ने कहा कि इन अधिकारियों ने मेरी जिंदगी का तमाशा बना दिया है। मेरी 9 साल की सर्विस में 10 से ज्यादा बार मेरे ट्रांसफर हो चुके हैं।