बीके अस्पताल के अज्ञात वार्ड से एक महिला मरीज पिछले 18 दिसंबर से गायब है लेकिन अस्पताल स्टाफ ने इस घटना को छिपाए रखा। इस घटना के संबंध में न तो पुलिस को सूचित किया गया और न ही अस्पताल के पीएमओ को अवगत कराया गया। 24 दिसंबर को घटना की जानकारी मिलने के बाद पीएमओ ने स्टाफ को जमकर लताड़ लगाई और स्पष्टीकरण मांगा।
बीके अस्पताल के अज्ञात वार्ड से एक महिला के गायब होने का मामला सामने आया है। जबकि वार्ड में एक गार्ड हमेशा तैनात रहता है इसके बावजूद इस साल की यह दूसरी घटना है। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार 18 जुलाई को एनआईटी थाने की पुलिस ने अस्पताल में एक गर्भवती महिला को भर्ती करवाया था। जिस समय महिला भर्ती करवाया गया था, उस समय वह बेहोश थी। जांच में पता चला कि महिला की मानसिक हालत ठीक नहीं है। जिस कारण उसे अस्पताल में ही रखकर उसका इलाज किया गया। करीब तीन माह बाद 13 अक्तूबर शाम को महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। लेकिन बच्चे की स्थिति ठीक नहीं थी और उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद भी महिला को अस्पताल में ही रखा गया। यह महिला 18 दिसंबर से अचानक गायब हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल स्टाफ की लापरवाही उजागर हो गई है।
इस घटना से नाराज पीएमओ डॉ. किशन कुमार ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी 24 दिसंबर को मिली थी। इस मामले की थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि वार्ड के स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अब वार्ड में भर्ती मरीजों की प्रतिदिन रिपोर्ट मांगी जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।