बिजली बिलों में बढ़ोतरी और पिलर बॉक्स लगाने के विरोध में पूरे प्रदेश में सियासत गरमाने लगी है।
भिवानी,
सिरसा, सोनीपत और हिसार आदि कई जिलों में जनसंगठनों द्वारा आंदोलन का
बिगुल बजा दिया गया है। वहीं, बिजली निगम द्वारा कुंडी कनेक्शन जोड़ने और
पिलर बाक्स तोड़ने के विरोध में सिरसा और भिवानी में केस दर्ज किए जाने का
भी विरोध हो रहा है। अब इनेलो ने भी इसके विरोध में आंदोलन करने का ऐलान कर
दिया है। वहीं, कांग्रेस की मंत्री किरण चौधरी और विधायक प्रो. संपत सिंह
पहले ही इस मामले में जनता की वकालत कर चुके हैं। संगठनों का कहना है कि
उनका बिल दो वर्ष में ही 40 प्रतिशत तक बढ़ गया है, वहीं स्लैब सिस्टम में
बदलाव से भी भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। वहीं, निगम का दावा है कि टैरिफ
दरें केवल 15 प्रतिशत बढ़ी है।
भिवानी में बिजली अधिकारियों का घेराव आज
भिवानी।
बिजली बिलों में बढ़ोतरी, पिलर बॉक्स लगाने और महापंचायत संयोजक संपूर्ण
सिंह के खिलाफ दर्ज मामले के विरोध में 31 दिसंबर को बिजली निगम के अधीक्षक
अभियंता का घेराव किया जाएगा। इसे लेकर शहर में विभिन्न संगठनों ने शहर
में प्रदर्शन किया और बाजार में जन संपर्क अभियान चलाया। स्थानीय टीआईटी,
एमसी कालोनी, कृष्णा कालोनी में जन कल्याण संघर्ष मोर्चा के संयोजक संपूर्ण
सिंह ने कहा कि बिजली बिलों के विरोध में 22 दिसंबर को हुई महापंचायत में
लिए गए फैसले के अनुरूप भिवानी जिले की एक महाकमेटी का गठन किया गया है। इस
251 सदस्यीय महाक मेटी में विभिन्न संगठनों, शहर के सभी 31 नगर पार्षदों,
छात्र नेताओं, जन संगठनों, खापों, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल
किया गया है। इसके अलावा सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, नगर परिषदों
के पूर्व अध्यक्षों को विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में लिया गया है।
संपूर्ण सिंह ने कहा कि शहर के सभी 31 वार्डों में मोहल्ला कमेटियां भी
गठित की गई हैं। इन कमेटियों में 21-21 सदस्य होंगे।
हिसार जनसंघर्ष समिति करेगी आंदोलन
हिसार।
प्रदेश भर में बिजली की दरों में भारी बढ़ोतरी से नाराज विभिन्न जनसंगठनों
ने इसके विरोध में आवाज उठानी शुरू कर दी है। हिसार में पिछले दो दिनों
में नागरिक मंच, उपभोक्ता मंच, राजनीतिक चेतना मंच और भाजपा किसान मोर्चा
के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दलों ने भी बिजली की दरों में वृद्धि का विरोध
किया है। हिसार जनसंघर्ष समिति के वरिष्ठ उपप्रधान मेहरचंद मनचंदा और प्रेस
सचिव एमएल सहगल ने कहा कि संघर्ष समिति के प्रधान गौतम सरदाना के नेतृत्व
में दिल्ली की तर्ज पर बिजली दरों में 50 प्रतिशत की कटौती के लिए संघर्ष
की रणनीति अपनाई जाएगी, जिसकी घोषणा जल्द होगी।
थेहड़वासियों ने दी बिल बहिष्कार की चेतावनी
सिरसा।
बिजली बिल बहिष्कार आंदोलन चला रहे संघर्ष समिति के राज्य संयोजक रोशन
सुचान ने सोमवार को थेहड़ मोहल्ला में आम जनता से बिलों का बहिष्कार करने
का आह्वान किया। थेहड़ मोहल्ला वासियों द्वारा संघर्ष कमेटी गठित कर बिलों
के बहिष्कार को सफल बनाने का आश्वासन दिया गया और सरकार के खिलाफ जमकर
नारेबाजी भी की।
उन्होंने उत्तरी और दक्षिण वितरण निगम के प्रवक्ता
द्वारा बिजली दरों में बढ़ोतरी की बात को नकारने और बिजली आंदोलन को झूठ पर
आधारित बताने पर कहा कि अगर बिजली महंगी नहीं हुई तो बिल हजारों रुपयों
में क्यों आ रहे हैं। बिजली आंदोलन संघर्ष समिति और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स
फेडरेशन द्वारा ढाई रुपये प्रति यूनिट बिजली की दर करने के लिए आंदोलन किया
जा रहा है। सभा को कमेटी के नेता मांगेराम पनिहारी, शहरी प्रधान हैप्पी
बख्शी, लीला राम, चेतराम सुथार, बलजीत थिंद, रामकुमार, बलजीत सिंह, सुशील
रोच, रमेश बाजेकां, संजय गुजर, गुरपाल सिंह, राजेंद्र जोशी, राजू कालड़ा,
भूप सिंह भरोखा, विनोद, विक्रम सिंह और पवन कुमार ने भी संबोधित किया।
इनेलो चलाएगा पूरे प्रदेश में अभियान
चंडीगढ़।
इनेलो ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को भेजे जा रहे गलत बिलों को बंद कर
वाजिब बिल भेजने की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि यदि
यह लूट बंद नहीं की गई तो इनेलो नेता प्रदेश की जनता को लेकर जोरदार अभियान
चलाएंगे। सरकार को इसे वापस लेने के लिए मजबूर किया जाएगा। अरोड़ा ने कहा
कि हुड्डा सरकार द्वारा बिजली निगमों की तरफ से जारी करवाया गया बयान झूठ
का पुलिंदा है। इसमें कहा गया था कि निगमों द्वारा बिल नियमानुसार दिए जा
रहे हैं। अरोड़ा ने कहा कि बीते साल के दौरान हुड्डा सरकार ने प्रदेश के
बिजली उपभोक्ताओं पर न सिर्फ साढे़ पांच हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ
डाला, बल्कि एक साथ पांच-पांच फ्यूल सरचार्ज भी वसूले जा रहे हैं। स्लैब
प्रणाली समाप्त करके मध्यम वर्ग पर और अतिरिक्त बोझ डाला गया है।