हरियाणा रोडवेज प्रबंधन अपने तकरीबन सात हजार चालक, परिचालकों व चेकिंग स्टाफ को लुक नहीं दे पा रहा है। पिछले दो तीन साल से प्रबंधन ने अपने कर्मचारियों को गर्मी की वर्दी उपलब्ध नहीं करवाई है।
कायदे से साल में दो बार कर्मियों को गर्मी की वर्दी दी जानी है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। अक्तूबर 2011 में कर्मियों को सर्दी की वर्दी दी गई थी। इसके बाद से वर्दी का इंतजाम रोडवेज नहीं कर पा रहा है।
परिवहन आयुक्त ने कुछ दिन पहले ही प्रदेश के सभी डिपो महा प्रबंधकों को कहा कि विभाग फिलहाल वर्दी के लिए कपड़ा मुहैया नहीं करवा पा रहा है, इसलिए चालकों, परिचालकों और अन्य स्टाफ जिसको वर्दी पहननी जरूरी होती है, को वर्दी न पहनने पर जुर्माना न किया जाए।
विभाग के मुताबिक वर्ष 2010 में रोडवेज कर्मियों को गर्मी की वर्दी दी गई थी। इसके बाद अक्तूबर 2011 में कर्मियों को सर्दी की वर्दी दी गई थी, लेकिन इसके बाद से कर्मियों को वर्दी नहीं मिली है।
ऐसा नहीं है कि रोडवेजकर्मी इस मामले को न उठा रहे हों, जब भी धरना, प्रदर्शन होता है तो कर्मचारियों की यह मांग होती है कि उनको वर्दी उपलब्ध करवाई जाए, लेकिन अभी तक मांग पूरी नहीं हुई है।
नियमानुसार चालक, परिचालक और अन्य स्टाफ को अपनी ड्यूटी के दौरान वर्दी पहनना अनिवार्य होता है। वर्दी न पहनने पर जुर्माने का प्रावधान होता है। वर्दी का अपना रूतबा होता है।
वर्दी नहीं मिलने के कारण रोडवेज कर्मचारियों की लुक दिखाई नहीं दे रही है। कुछ समय पहले भर्ती हुए परिचालक तो ऐसी ड्रेस पहनकर आते हैं कि जिनको देखकर यह नहीं कहा जा सकता है कि ये रोडवेजकर्मी हाेंगे।
जींस की पैंट व हॉफ बाजू की टी शर्ट पहने हुए चालक-परिचालक दिखाई देते हैं। वर्दी न देने के कारण हाल ही में परिवहन विभाग के आयुक्त ने प्रदेश के डिपो महाप्रबंधकों को पत्र भेजकर कहा है कि किसी भी चालक व परिचालक पर वर्दी न पहनने पर जुर्माना न किया जाए क्योंकि विभाग वर्दी उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है।
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आयुक्त के आदेश नहीं लगाया रहा जुर्माना
जींद रोडवेज के डिपो स्टेशन अधीक्षक रामचंद्र गौरिया ने बताया कि कर्मियों को दो साल से गर्मी में पहने वाली वर्दी नहीं दी गई है।
उन्होंने बताया कि गर्मी की वर्दी साल में दो बार दी जाती है। जब गौरिया से यह पूछा गया कि चालकों-परिचालकों पर वर्दी न पहने पर जुर्माना क्यों नहीं किया जा रहा है तो उन्होंने कहा कि परिवहन आयुक्त ने पत्र भेजकर कहा है कि किसी पर वर्दी न पहनने का जुर्माना न किया जाए।
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क्या कहते हैं रोडवेज कर्मचारी के प्रधान
हरियाणा रोडवेज जींद डिपो के प्रधान बिजेंद्र सिंह ढांडा कहते हैं कि गर्मी की वर्दी मिले कई साल हो चुके हैं। वर्दी के लिए बार-बार अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है।
बावजूद इसके वर्दी न मिलना बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि विभाग की इस मनमर्जी के विरोध में यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक में चर्चा होगी।