हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ की जिला इकाई ने अपनी मांगों के लिए बुधवार को लघु सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर रोष जताया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने 13 नवंबर की प्रदेश व्यापी हड़ताल और 14 नवंबर को हरियाणा रोडवेज के चक्काजाम में बढ़ चढ़कर भाग लेने का निर्णय लिया।
बुधवार को प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेता वजीर सिंह ने कहा कि हरियाणा रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति के लगातार संघर्ष एवं आंदोलन के बावजूद सरकार ने 3519 रूट परमिटों को निजी हाथों में देने का निर्णय लिया है।
इससे कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी रोष है। उन्होंने कहा कि सरकार इस निर्णय को रद कर रोडवेज में नई बसें शामिल करे।
उन्होंने मांग की कि सरकार सभी कच्चे कर्मचारियों को बिना शर्त नियमित करे। हरियाणा के सभी कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतन दिया जाए।
शिक्षा विभाग में लागू की जा रही रेशनलाइजेशन नीति में सुधार किया जाए और आउट सोर्सिंग, पीपीपी, निजीकरण, ठेका प्रथा, फ्रेंचाइजी की नीतियों को वापस लिया जाए।
साथ ही आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे मील वर्कर, आरसीएच समेत सभी परियोजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों, वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
प्रदेश में न्यूनतम वेतन 15 हजार किया जाए। उन्होंने कहा कि इन मांगों के लिए 13 नवंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल और 14 नवंबर को हरियाणा रोडवेज का चक्काजाम किया जाएगा।