नारनौल। रक्त की कमी से हर साल कई जिंदगियां असमय खत्म हो जाती हैं जबकि रक्तदान को लेकर आज भी कई भ्रांतियां समाज में मौजूद हैं। इन्हीं गलतफहमियों को तोड़ते हुए नारनौल के युवा मानवता की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। ये युवा जरूरत पड़ने पर तुरंत अस्पताल पहुंचकर निस्वार्थ रक्तदान करते हैं।
क्षेत्र में रक्तदान को एक जन-आंदोलन बनाने का श्रेय युवा साथी ग्रुप और उड़ान जनसेवा ट्रस्ट ढाणी बाठोठा को जाता है। युवा साथी ग्रुप की कमान जहां टिंकू प्रधान संभाल रहे हैं वहीं उड़ान जनसेवा ट्रस्ट के माध्यम से बिरेंद्र यादव लगातार युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं। इन दोनों संस्थाओं की जुगलबंदी ने 85 शिविरों में 5101 यूनिट रक्त एकत्रित किया है।
वर्ष 2019 से शुरू हुआ यह सफर आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। दोनों संस्थाओं ने मिलकर अब तक 85 स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का सफल आयोजन किया है जिनके माध्यम से 5101 यूनिट से अधिक रक्त सरकारी ब्लड बैंक को समर्पित किया गया है।
आपातकाल में बने ढाल
संस्थाओं का कार्य सिर्फ शिविरों तक सीमित नहीं है। आपातकालीन स्थितियों में जब परिजनों को कहीं रक्त नहीं मिलता, तब ये युवा संकटमोचक बनते हैं। इन्होंने देश के कोने-कोने में आपातकालीन मरीजों के लिए 3500 से अधिक यूनिट रक्त की व्यवस्था मौके पर करवाई है। दूसरों को प्रेरित करने से पहले इन युवाओं ने खुद को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया है। टिंकू प्रधान अब तक स्वयं 21 बार और बिरेंद्र यादव 17 बार रक्तदान कर चुके हैं।
प्रदेश का पहला महिला रक्तदान शिविर आयोजित
युवाओं को जोड़ने के साथ-साथ इन दोनों संस्थाओं ने वर्ष 2023 में स्थानीय महिला महाविद्यालय में प्रदेश का पहला महिला रक्तदान शिविर आयोजित कर इतिहास रचा था। संस्था का मानना है कि सेवा और राष्ट्र निर्माण के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सर्वोपरि है। महिलाओं को प्रेरित कर स्वास्थ्य और सेवा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
फोटो 02 टिंकू प्रधान