नारनौल। नागरिक अस्पताल में सुपरवाइजर के सफाई कर्मचारी के साथ मारपीट करने पर कर्मचारी भड़क गए और काम छोड़कर धरने पर बैठ गए। एचकेआरएन (हरियाणा कौशल रोजगार निगम) के तहत लगे सभी कर्मचारियों के काम छोड़कर धरने पर बैठ जाने से अस्पताल की व्यवस्था चरमरा गई। वहीं, कर्मचारियों के बीच चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशा शर्मा व डॉ. कंवरसिंह पहुंचे और उन्हें समझाकर वापस काम पर भेजा। इस घटना के विरोध स्वरूप सभी कर्मचारी सुबह नौ बजे से साढ़े दस बजे तक अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे रहे।
धरने पर कर्मचारियों के बैठने से मरीजों की पर्ची भी नहीं काटी गई। डेढ़ घंटे तक पर्ची नहीं कटने के कारण अस्पताल में मरीजों की लंबी कतार लग गई। इससे सभी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कर्मचारियों ने बताया कि रविवार सुबह 11 बजे सुपरवाइजर मनोज ने एक सफाई कर्मचारी अनूप की बुरी तरह से पिटाई कर दी। कर्मचारियों ने बताया कि जब पीड़ित कर्मचारी ने सोमवार सुबह कर्मचारियों को यह बात बताई तो सभी में रोष व्याप्त हो गया और उन्होंने काम छोड़कर धरने पर बैठने का निर्णय लिया।
कर्मचारियों ने बताया कि यह सारी घटना सीसीटीवी में भी कैद हो गई। कर्मचारियों ने बताया कि सुपरवाइजर मनोज पहले भी कई विवादों में रह चुका हैं। अस्पताल में व्यवस्था बिगड़ते देख मौके पर पहुंचे एमएस डॉ. आशा शर्मा और डॉ. कंवर सिंह ने दोनों पक्षों की बात सुनी और कर्मचारियों को समझाकर काम पर भेजा।
कर्मचारी बोला सुपरवाइजर ने गाली गलौज कर की मारपीट
कर्मचारी अनूप ने बताया कि वह अस्पताल में स्वीपर के पद पर कार्यरत है और उसकी ड्यूटी इमरजेंसी वार्ड में है। रविवार को भी वह सुबह की शिफ्ट में कार्यरत था। इस दौरान उसको कोई काम हो जाने पर वह वार्ड इंचार्ज और अन्य स्टाफ को कहकर 10 मिनट के लिए बाहर चला गया था।
10 मिनट बाद वह वापस आया तो मनोज सुपरवाइजर ने उससे पूछा की कहा गया था तब उसने बताया कि वह पूछकर किसी काम से गया था। इस पर मनोज ने बिना किसी की सुने उसके साथ गाली गलौज शुरू कर दी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। साथ ही गला पकड़कर उसे थप्पड़ मार दिया।
अनूप ने बताया कि इसके बाद उसने एमएस को शिकायत भी भेजी, मगर उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सोमवार को उन्होंने अन्य कर्मचारियों को यह बात बताई तो कर्मचारियों ने मिलकर हड़ताल शुरू कर दी।
सुपरवाइजर बोला नहीं मारे थप्पड़, आरोप बेबुनियाद
इस बारे में सुपरवाइजर मनोज से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अनूप शादी ब्याह में हलवाई का काम करता है। अब शादियों का सीजन है, इसलिए वह कई बार बिना बताए काम पर चला जाता है। सुपरवाइजर ने बताया कि उसने कई बार अनूप को टोका भी मगर वह इसके बाद भी नहीं मानता था। सुपरवाइजर ने बताया कि थप्पड़ मारने का आरोप बेबुनियाद है।
मेरी सास को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में आई थी लेकिन ओपीडी पर्ची काटने में देरी के कारण समय पर उपचार नहीं मिल पाया।
-सुमन देवी, मोहल्ला-पीरआगा।
नियमित उपचार के लिए नागरिक अस्पताल आया था। सुबह जल्दी पहुंच गया था ताकि जल्दी नंबर आ सकें लेकिन ओपीडी पर्ची नहीं कटने के कारण घंटों तक लाइन में लगना पड़ा।
प्रकाश,मोहल्ला-शिवाजी नगर