नारनौल। मेडिकल कॉलेज के लिए जाने वाली 33 केवी लाइन का कार्य लंबे समय से रुका है। इसके चलते मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में विभिन्न प्रकार की जांच और सर्जरी जैसी चिकित्सा सुविधा का संचालन अभी तक शुरू नहीं हो सका है।
जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में अधिक बिजली आपूर्ति के लिए खंभे लगा चुके हैं लेकिन पेड़ों की कटाई को लेकर वन विभाग और केंद्र सरकार के बीच मामला लंबे समय से विचाराधीन है। इस कारण 33 केवी लाइन कॉलेज तक नहीं पहुंच पाई है।
वहीं मेडिकल कॉलेज में फिलहाल गांव कोरियावास गांव में जा रही लाइन से बिजली की सप्लाई की जा रही है। लाइन में फॉल्ट और पावर कट के कारण नियमित रूप से बिजली की सप्लाई नहीं बन पाती। वही सिटी स्कैन, एमआरआई व अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांचों के लिए उच्च वोल्टेज व नियमित बिजली सप्लाई चाहिए।
नियमित रूप से बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण छात्रों को परेशानी हो रही है। असुविधाओं को लेकर छात्रों ने कुछ दिन पहले विरोध प्रदर्शन भी किया था।
ओपीडी शुरू लेकिन जांच बाहर से
मेडिकल कॉलेज में गत 8 माह पहले ओपीडी शुरू की गई थी लेकिन अभी केवल रक्त, बीपी, पेशाब सहित केवल लैब जांच की जा रही है। इस कारण मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड, सिटी स्कैन व एमआरआई जैसी जांच की मशीनें होने के बाद भी मरीजों का बाहर से जांच करानी पड़ रही है।
जनरेटर की व्यवस्था लेकिन ऑपरेटर नहीं
मेडिकल कॉलेज में सर्विस एरिया में जनरेटर हाउस भी बनाया गया है। किसी कारणवश बिजली आपूर्ति में बाधा होने पर जनरेटर से बिजली आपूर्ति बनी रहे लेकिन मेडिकल कॉलेज में अभी जनरेटर ऑपरेटर नहीं है, जिस कारण जनरेटर का भी उचित प्रकार से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा।
वर्जन :
33 केवी लाइन का कार्य कंस्ट्रक्शन विंग की ओर से किया जा रहा है। लाइन का कुछ कार्य किया जा चुका है व कुछ कार्य शेष है। फिलहाल अभी मामला केंद्र सरकार व वन विभाग के बीच विचाराधीन है। -जोगेंद्र हुड्डा, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम, नारनौल
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