शीत लहर का कहर लगातार जारी है। शुक्रवार को जिले का न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री पर पहुंच गया है। ये पिछले पांच साल का सबसे न्यूनतम तापमान है। पिछली बार वर्ष 2014 में जिले का न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री पर पहुंचा था। इसी प्रकार अधिकतम तापमान भी 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जो 20 साल बाद सबसे कम है। इस बार ठंड ने बीते कई साल का रिकार्ड तोड़ दिया है।
पिछले साल जिले में न्यूनतम तापमान 0.7 डिग्री सेल्सियस था, जबकि अधिकतम 23.5 डिग्री सेल्सियस था। शनिवार को तापमान एक फिर जमाव बिंदु पर पहुंच गया। इससे ठंड से राहत मिलने की उम्मीद मिलती नहीं दिख रही है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री व अधिकतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया है। ये इस साल का न्यूनतम व अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है।
वैसे, शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस था जो अब गिरकर 0.5 डिग्री पर पहुंच गया है। वहीं दिन के पारे में भी दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। जो अब तक का सबसे कम तापमान है। पिछले करीब दो सप्ताह से जिला महेंद्रगढ़ सबसे ज्यादा ठंड के साथ घने कोहरे की मार झेल रहा है। लोग दिनभर बिस्तरों में बैठे-बैठे कांप रहे है। लोग दिन में भी ठंड से छुटकारा पाने के लिए सूर्यदेव के दर्शन को तरसते रहते है। पिछले तीन दिनों से तापमान तीन डिग्री के इर्द-गिर्द रहा है।
नारनौल में बुधवार को न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री दर्ज किया गया जबकि वीरवार को न्यूनतम तापमान तीन डिग्री व शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया था। जो कि मैदानी इलाकों में सबसे कम है। लोगों को ठंड के साथ-साथ घने कोहरे की मार भी झेलनी पड़ रही है। घने कोहरे के कारण करीब दस दिनों ने दोपहर बाद करीब एक बजे तो कभी दो बजे सूर्य के दर्शन होते है। शनिवार को भी दो बजे सूर्य देव के दर्शन हुए और चार बजते-बजे सूर्य देव फिर अस्त हो गया। जिससे लोग दिनभर ठिठुरते रहे। ठंड के चलते लोग जरूरी कामकाज के लिए ही घरों से निकलने को मजबूर है।
कोहरा फसलों के लिए रहा लाभदायक
जिले का अधिकतर क्षेत्र जार्क जोन में आता है। इस साल समय पर बारिश होने के कारण बैरानी क्षेत्र में सरसों व चने की अच्छी फसल खड़ी है। समय पर बारिश होने के फसलों को जीवनदान मिल गया था। अब बारिश के बाद लगातार पड़ रहा कोहरा फसलों के लिए वरदान बन रहा है। जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी झलक रही है। फसलों की ओस न उतरने व धूप न लगने के कारण सरसों व गेहूं की फसल में नमी बनी हुई है। वहीं कई जगहों पर गेहूं की फसल में पीलापन छाया हुआ है। किसानों का कहना है कि धूप न खिलने के कारण गेहूं की फसल में पीलापन आना शुरू हो गया है। किसान अपनी फसलों को पीली होने से बचाने के लिए सिंचाई करने तथा खाद, फोरेट आदि डालने में जुटे हुए है।
एक से 15 तक स्कूलों में रहेगा अवकाश
लगातार बढ़ रही ठंड को देखते हुए शिक्षा विभाग ने निजी व सरकारी स्कूलों में एक जनवरी से 15 जनवरी तक अवकाश घोषित किया है। जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सांगवान ने बताया कि सभी निजी व सरकारी स्कूलों में पत्र भेजकर एक जनवरी से 15 जनवरी तक अवकाश करने के निर्देश दिए गए है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का औचक निरिक्षण करने के लिए कहा गया है। अगर कोई स्कूल इस दौरान खुला मिलता है तो उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।