नारनौल। ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी) की अखिल भारतीय कमेटी के आह्वान पर सरकार की मजदूर विरोधी व पूंजीपति परस्त नीतियों के खिलाफ चार सितंबर को देश की राजधानी में विरोध धरना, प्रदर्शन किया जाएगा।
जिला प्रधान मास्टर सुबे सिंह ने बताया कि संघर्षों से हासिल कई श्रम कानूनों को खत्म करके भाजपा सरकार ने मजदूर विरोधी चार लेबर कोड बना दिए हैं। इनके माध्यम से श्रमिकों से उनके वैधानिक अधिकार छीन लिए। लेबर कोड लागू होने पर स्थाई नौकरी समाप्त करने के लिए अल्प अवधी रोजगार का प्रावधान ला रहे हैं।
जिला सचिव छाजूराम रावत ने कहा कि सरकार की पूंजीपति परस्त नीतियों के खिलाफ व मजदूरों का न्यूनतम वेतन 26 हजार मासिक हो, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल कराने, आंगनबाड़ी, मिड डे मील-आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिलाने, निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण व हितलाभ को सरल व भ्रष्टाचार मुक्त कराने सहित अन्य मांगों को लेकर चार सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना, प्रदर्शन किया जाएगा। जिसे एआईयूटीयूसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड के राधा कृष्ण, महासचिव कॉमरेड शंकर दास गुप्ता, उपाध्यक्ष कॉमरेड अरुण कुमार सिंह व अन्य राष्ट्रीय नेता संबोधित करेंगे।