हरियाणा के नारनौल क्षेत्र में दो पशुपालकों के बाड़ों में घुसकर सोमवार की रात में जंगली जानवरों ने 30 भेड़-बकरियों को मारने के अलावा 15 को घायल कर दिया। गांव धानोता में हुई घटना की जानकारी मिलने के बाद पहुंची चिकित्सकों की टीम ने मरने वाली भेड़-बकरियों का पोस्टमार्टम किया। वर्ल्ड लाइफ टीम ने अज्ञात जानवरों के पैरों के निशान के नमूने लिए।
मैं पिछले 50 वर्षों से भेड़-बकरियों का पालन करता हूं। उसी से परिवार का जीवनयापन कर रहा हूं। मेरे पास 63 भेड़ें और पांच बकरियां थीं। सोमवार की रात में अज्ञात जानवर ने 20 भेड़ बकरियों को मार दिया और 14 को घायल कर दिया। प्रशासन एवं सरकार से मांग करता हूं कि मुझे इसका मुआवजा दिया जाए। - बालाराम, निवासी धानोता, पीड़ित
मैं गांव में ही भेड़-बकरियों को पाल कर परिवार का पालन कर रहा हूं। मेरे पास 70 भेड़-बकरियां थीं। रात में जंगली जानवर ने 10 भेड़-बकरियों को मार दिया तथा चार को घायल कर दिया। लग रहा है कि जंगली जानवर बाड़े में रात 12 बजे आया हो, क्योंकि बकरी कि आवाज आने पर बालाराम उसे देखने गया तो अंधेर में जंगली जानवर भाग गया। -मुकेश, निवासी धानौता।
मौके पर पहुंचकर हमने पैरों के निशान के नमूने ले लिए हैं। पैरों के निशान देखकर लग रहा है कि जरख ने भेड़ों और बकरियों को मारा है। जानवर कौन सा था इसका पता पैरों के निशान का मिलान करने के बाद पता चलेगा। - चरण सिंह, निरीक्षक वाइल्ड लाइफ विभाग।
हमारी टीम ने मरने वाली भेड़-बकरियों का पोस्टमार्टम किया है। घायल भेड़-बकरियों का उपचार किया जा रहा है। कौन सा जानवर ऐसी हिंसक घटना को अंजाम दे सकता है, इसके बारे में वाइल्ड लाइफ ही बता सकता है। -एनआर मेहरा, वेटरनरी सर्जन।