संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। रविवार को आर्य समाज मंदिर में साप्ताहिक यज्ञ एवं सत्संग का आयोजन किया गया। यज्ञ में संजय कुमार मुख्य यजमान रहे। डॉ. विक्रांत डागर यज्ञ ब्रह्मा के रूप में उपस्थित रहे।
उन्होंने बताया कि हमारी प्राचीन वैदिक सनातन संस्कृति, हमारी सभ्यता में देव यज्ञ को सभी श्रेष्ठ कर्मों में एक मात्र श्रेष्ट उत्तम कर्म माना है। ऋषियों मुनियों ने सभी सुखों की कामना के लिए यज्ञ को एक परम साधन माना है।
यज्ञ एक श्रेष्ठ कर्म के साथ पर्यावरण शुद्धि, रोगनाशक, आयु, स्वास्थ्य, बल, बुद्धि, धन, यश, कीर्ति को पुष्टि देने वाला और उसके अनेक वैज्ञानिक लाभ भी हैं। यह परोपकार, संगतिकर्ण, दान, अग्नि पूजा, ईश्वर आराधना और पवित्रता का कर्म है। बृहस्पति शास्त्री ने बताया कि विशेष सुखों की कामना करने वालों को यज्ञ प्रत्येक दिन सुबह और शाम को अवश्य करना चाहिए।
आर्य समाज के प्रधान भूपेंद्र सिंह आर्य ने बताया कि वेद प्रचार मंडल जिला महेंद्रगढ़ एवं आर्य समाज का वार्षिक उत्सव आर्य समाज महेंद्रगढ़ के प्रांगण में 27 और 28 सितंबर को निश्चित हुआ है। जिसमें क्रांतिकारी उपदेशक श्रद्धेय स्वामी सच्चिदानंद महाराज, सुप्रसिद्ध विदुषी आचार्या प्रियंका भारती कन्या गुरुकुल भुसावर, डॉ. कैलाश कर्मठ कलकता ईश्वर, वेद, यज्ञ और महर्षि दयानंद की शिक्षाओं के आधार पर वैदिक मान्यताओं का प्रचार-प्रसार करेंगे। ताकि संसार का शारीरिक, आत्मिक और सामाजिक कल्याण हो सके और सभी लोग सत्य के मार्ग पर चलकर उन्नति प्राप्त करें। समाज से कुरीतियों, पाखंडों और अंधविश्वासों का खात्मा किया जा सके।