महेंद्रगढ़। इस बार फरवरी के दौरान तापमान की अधिकता के कारण गेहूं की फसल में उत्पादन प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन अब मौसम परिवर्तनशील होने के बाद अधिकतम तापमान में आई गिरावट से फसलों को लाभ मिलेगा।
फरवरी के प्रथम पखवाड़े में अधिकतम तापमान 25 डिग्री से नीचे रहता है। इस बार अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री चल रहा है। तापमान की अधिकता के कारण गेहूं की फसल की बढ़वार प्रभावित हो गई थी। दिन के समय में धूप तेज होने के कारण तय समय से पहले ही गेहूं में बालियां आनी शुरू हो गई हैं। हालांकि मौसम विभाग की की ओर से 21 से 28 फरवरी तक एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभावों के कारण मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना जताई जा रही है।
कृषि विशेषज्ञों की मानें तो इस समय अगर तापमान में अधिक वृद्धि होती है तो पछेती सरसों में चेपा, सफेद रतुआ व अन्य प्रकार के कीटों का खतरा बढ़ सकता है। तेज धूप एवं लगातार तापमान बढ़ने से गेहूं फसल में अधिक प्रभाव डाल सकती है। इस समय गेहूं में बालियां आनी शुरू हो चुकी हैं और अधिक तापमान होने से बढ़वार प्रभावित हो रही है। हालांकि अभी मौसम अनुकूल होता है तो फसल के लिए तेजी से ग्रोथ का समय भी शेष है।
सरसों की अगेती फसल में फलियों में दाना पकना भी शुरू हो चुका है। जबकि गेहूं में बालियां आनी शुरू हो चुकी है। जिला में इस बार 365450 एकड़ में हैं फसलें हैं। सबसे बड़ा रकबा रबी सीजन की प्रमुख फसल सरसों का 2.65 लाख एकड़ है। इसके बाद 80 हजार एकड़ में गेहूं तथा 17500 एकड़ में चना की फसल है। वहीं 950 एकड़ में जौ तथा दो हजार एकड़ में पशुचारा है।
-
- वर्जन:
क्षेत्र में दिन का तापमान सामान्य से अधिक चल रहा है। अधिकतम तापमान 26.5 तथा न्यूनतम 12 डिग्री रहा। चार दिनों में मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। बुधवार को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बदलवाई देखने को मिलेगी। 19 से 21 तक क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी, गरज चमक के साथ बदलवाई व हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 24 व 28 फरवरी को दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बदलाव व तापमान में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी रहेगा।- डॉ. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ एवं नोडल अधिकारी पर्यावरण क्लब।