मंडी अटेली। हरियाणा राज्य कृषि विपणन मंडल की ओर से निर्मित नई सब्जी मंडी अभी तक चालू नहीं हो पाई है। प्रशासन की ओर से दो बार दुकानों की बोली छोड़ने का कार्य किया गया। इसमें बोली की कीमत तो दो साल में दुगनी हुई, लेकिन सब्जी मंडी नहीं चल पाई।
तत्कालीन डिप्टी स्पीकर संतोष यादव ने 17 मार्च 2017 को हरियाणा राज्य कृषि विपणन मंडल की ओर से अनाज मंडी में निर्मित होने वाली नई सब्जी मंडी का शिलान्यास किया था। सब्जी मंडी में 15 दुकानें 15 बाई साढ़े 37 फुट की रखी गई थी, ताकि नागरिकों को एक ही स्थान पर फल व सब्जियां आसानी से उपलब्ध हो पाए, लेकिन 7 साल का समय बीत जाने के बाद भी सब्जी मंडी की जगह शिलान्यास बोर्ड ही नजर आता है। सब्जी मंडी का और अन्य कोई कार्य धरातल पर नजर नहीं आ रहा।
2019 में दुकानों की बोली छोड़ने का कार्य किया गया था। उस समय चार दुकानों की बोली 18 लाख से 25 लाख तक पहुंची। 2021 में प्रशासन की ओर से बोली लगाई गई व उस समय दो दुकानों की बोली लगाई गई। जिन की राशि 56 लाख तक पहुंची व अन्य 9 दुकानें अभी भी बची हुई हैं, जिनकी बोली लगनी है। बताया जाता है कि जब तक सभी दुकानों की बोली नहीं छूट जाती, तब तक सब्जी मंडी का आरंभ होना मुश्किल है।
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झंडा चौक पर चल रही है मंडी
इस क्षेत्र के लिए विडंबना की बात है कि विधानसभा क्षेत्र तो अटेली है, लेकिन कनीना को तो उपमंडल का दर्जा मिल चुका है। अटेली महज तहसील तक ही सिमट कर रह गई है। इन दोनों स्थानों पर सब्जी मंडी का अभाव है। कस्बा अटेली में फिलहाल झंडा चौक पर पुरानी सब्जी मंडी ही चल रही है, बाकी अन्य रेहड़ी-चालक नांगल बैरियर पुराने बस स्टैंड तथा नए बस स्टैंड के आसपास रेहड़ी लगाकर फल व सब्जी बेचने का कार्य कर रहे हैं। कस्बा वासी तथा ग्रामीण इधर-उधर रेहड़ियों पर ही फल व सब्जी खरीदते नजर आते हैं। क्षेत्र के लोगों ने सरकार व प्रशासन से सब्जी मंडी कार्य को शीघ्र शुरू करने की मांग की है।
वर्जन:
सब्जी मंडी के शिलान्यास को 4 साल से अधिक समय बीत चुका है अभी तक 6 दुकानों की बोली लग चुकी है। 9 दुकानें अभी बाकी हैं। जैसे ही सभी दुकानों की बोली लग जाएगी सब्जी मंडी को भी शुरू करवाने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।-यदुराज, सचिव, मार्केट कमेटी मंडी अटेली।