हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंविवि) में 15 से 18 नवंबर तक भारतीय जीवाणु तत्ववेत संगठन का 60वां वार्षिक सम्मेलन और ऊर्जा, पर्यावरण, कृषि और स्वास्थ्य के सतत विकास में सूक्ष्मजीव प्रौद्योगिकी विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। इस आयोजन में सामाजिक सरोकारों से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा कर समाधान का मार्ग प्रशस्त करना है।
सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ ने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य सतत विकास के लिए आवश्यक अनुसंधान के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा, विचार-विमर्श और उपायों का खाका तैयार करने के लिए एक साझा मंच प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला विशिष्ट अतिथि होंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो. डीपी सिंह, सांसद धर्मबीर सिंह विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहेंगे।
इस चार दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य दुनिया के समक्ष उपस्थित विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा करना और उनके समाधान खोजना है। उन्होंने कहा कि प्रमुख रूप से यह चुनौतियां ऊर्जा, पर्यावरण, कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्र में देखने को मिल रही है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, खनिज संसाधनों का ह्रास, पर्यावरण प्रदूषण, घटते ऊर्जा और ईंधन के साधन, खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, दवाओं का बेअसर होना आदि गंभीर समस्याएं हैं। कुलपति ने बताया कि सूक्ष्मजीव सभी जगह पाए जाते हैं और इनकी विभिन्न क्षमताएं होती हैं। इसलिए इन चुनौतियों का सामना करने में सूक्ष्मजीव बहुत मददगार साबित हो सकते हैं।
सम्मेलन के संदर्भ में प्रो. आरसी कुहाड़ ने बताया कि चार दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन का उद्घाटन 15 नवंबर को होगा। इसमें देश-विदेश से 1000 से ज्यादा प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। विश्वविद्यालय ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए इस आयोजन को आम-जनमानस से जोडने का प्रयास किया है। इसके लिए स्थानीय स्कूलों, गोद लिए हुए गांवों के प्रतिनिधियो को भी इस सम्मेलन में आंमत्रित किया जाएगा। नवाचार, शोध को बढ़ावा देने के लिए विशेषतौर पर इस सम्मेलन में पोस्टर प्रदर्शनी, युवा शोधार्थियों, वैज्ञानिकों के लिए अवार्ड प्रदान करने का प्रावधान किए गए है।
सम्मेलन के अध्यक्ष प्रो. सतीश कुमार ने कहा कि इस आयोजन में एक विशेष सत्र इंडस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी के विद्यार्थियों, शिक्षकों के लिए आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बाजार, समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नई खोज को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा सम्मेलन में भारत के प्रमुख विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों के वैज्ञानिक, इजराइल, अमेरिका, कनाडा, स्पेन, पुर्तगाल, मैकिस्का, ऑस्ट्रेलिया आदि के प्रख्यात वक्ता भी होंगे।