फोटो नंबर-11नारनौल में लीक पाइप लाइन से निकलता पानी। संवाद
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नारनौल। अमृत 2.0 योजना के तहत शहर में बड़े पैमाने पर पेयजल आपूर्ति से जुड़े कार्य शीघ्र शुरू किए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने लगभग 208 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है जिसे मंजूरी मिल चुकी है। अब विभाग की ओर से जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
वर्तमान में शहर में पेयजल सप्लाई की पुरानी पाइपलाइनें काफी जर्जर अवस्था में हैं जिनमें कई स्थानों पर लीकेज की समस्या बनी हुई है। कई जगहों पर पानी की लाइनें सीवरेज और नालों के पास से होकर गुजर रही हैं। इसके कारण दूषित पानी सप्लाई होने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
अमृत 2.0 योजना के तहत इन सभी पुरानी पाइपलाइनों को हटाकर नई और मजबूत डीआई (डक्टाइल आयरन) पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी। इससे लीकेज और दूषित पानी की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
इसके साथ ही शहर में नए वाटर टैंक, आधुनिक वाटर वर्क्स, बूस्टिंग स्टेशन और नई फिल्ट्रेशन यूनिट स्थापित की जाएंगी। पानी के दबाव को बेहतर बनाने के लिए पुरानी और कम क्षमता वाली मोटरों के स्थान पर नई और अधिक क्षमता की मोटरें भी लगाई जाएंगी।
शहर में दो जलघरों से पानी की आपूर्ति
शहर के लोगों की प्यास बुझाने के लिए दो जलघर बनाए गए हैं। इनमे एक जलघर नसीबपुर व दूसरा रेवाड़ी रोड बनाया गया है। नसीबपुर में बने जलघर से लगभग शहर में पानी की आपूर्ति की जाती है। यहां से 16.5 मीट्रिक लीटर टन पानी सप्लाई किया जाता है। वहीं रेवाड़ी रोड से 6 मीट्रिक लीटर टन पानी सप्लाई होता है। जलघरों से पानी को स्वच्छ करके सप्लाई किया जाता है।
वर्जन:
लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्याओं से शहरवासियों को स्थायी राहत मिलेगी। 208 करोड़ रुपये की अमृत 2.0 योजना को मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही इसके टेंडर लगाए जाएगें। -नरेश चंदेला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग, नारनौल