लगभग दो करोड़ रुपये की कीमत के पकड़े गए गांजे मामले में पुलिस अभी तक मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। अभी मुख्य आरोपियों में तीन नाम सामने आए हैं और तीनों ही फरार चल रहे हैं। इन आरोपियों के तार राजस्थान, बीकानेर तथा उत्तर प्रदेश राज्यों में जुड़े हुए हैं। जो उड़ीसा और आंध्रा प्रदेश से गांजा मंगवाकर उक्त राज्यों में बेचते थे। उक्त आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस एक एसआईटी तथा चार टीमें गठित की हुई हैं जो उनको गिरफ्तार करने के लिए जगह-जगह दबिश दे रही हैं। इस मामले में पुलिस अब तक दस आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है जो उनका सहयोग करते थे।
बता दें कि सतनाली पुलिस ने 18 मई को बारड़ा-टी प्वाइंट में संदिग्ध अवस्था में खड़े एक कैंटर से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया था। पुलिस ने कैंटर की जांच की तो इसमें पानी के डिस्पोजल गिलास के नीचे बोरों और कार्टून में भरे 17 क्विंटल 12 किलो760 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया। पुलिस ने पकड़ गए गांजे की कीमत लगभग दो करोड़ रुपये की आंकी थी। लगभग 23 क्विंटल गांजा मुख्य आरोपियों ने मंगवाया था। इनमें छह क्विंटल गांजा मुख्य आरोपी अजीत निवासी गांव बाघोत पिकअप में भरकर पहले ही लेकर फरार हो गया था। उक्त मामले आरोपियों के सहयोगी रहे दस लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
तीन राज्यों से जुड़े तार:
मुख्य आरोपी अजीत निवासी बाघोत, कुलदीप निवासी गांव बाघनवाला, भिवानी, कुलदीप का भाई लख्मी तीनों उड़ीसा एवं आंध्रा प्रदेश से 1000-1200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से गांजा मंगवाते थे और जिसे वो दस से 12 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचते थे। यह माल वो राजस्थान के बीकानेर जिले, हरियाणा के महेंद्रगढ़ एवं भिवानी जिले तथा उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले में बेचते थे। इसके अलावा उनके तार और भी कहीं जुड़े रहने की संभावना है और इस नशे के कारोबार में और भी आदमी शामिल हो सकते हैं। इस चेन के बार में मुख्य आरोपियों को पकड़े जाने के बाद ही पता चल पाएगा।
एसआईटी टीम सहित पांच टीमें लगी आरोपियों को गिरफ्तार करने में
उक्त आरोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन ने एक एसआईटी टीम गठित की है। इस टीम के इंचार्ज डीएसपी नारनौल नरेंद्र कुमार को बनाया गया है। इसमें एसआई युद्धवीर सिंह, एसआई रमेश कुमार शामिल हैं। सीआईए नारनौल, महेंद्रगढ़ तथा सतनाली पुलिस की टीमें भी आरोपियों को पकड़ने पर जुटी हैं। उनके कई ठिकानों पर पुलिस छापेमारी कर चुकी है लेकिन उनका कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा। आरोपियों को पकड़ने के लिए साइब सेल की टीम भी लगी हुई है। आरोपियों ने सिम तोड़कर फेंक दी है। इसी वजह से उनकी लोकेशन भी ट्रेस नहीं हो पा रही है।
मुख्य आरोपियों को पकड़ने के सभी टीमें लगी हुई हैं। उनके ठिकानों पर छापेमारी की जा रही हैं। उम्मीद है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।-रमेश कुमार, सदस्य,एसआईटी टीम।