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Mahendragarh-Narnaul News: श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की कथा सुनाई

Wed, 17 Jul 2024 12:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो संख्या:67- गांव पाल में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रीकृष्ण-रूकम्णी विवाह की कथा सुनाते कथ
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महेंद्रगढ़। गांव पाल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनाया। इस दौरान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की झांकी भी निकाली गई।
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कथावाचक कुलदीप शास्त्री ने कथा में भगवान का मथुरा प्रस्थान, कंस का वध, महर्षि संदीपन के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, कालयवन का वध, उधव गोपी संवाद, ऊधव द्वारा गोपियों को अपना गुरु बनाना, द्वारका की स्थापना व रुक्मिणी विवाह के प्रसंग का पाठ किया गया।
उन्होंने बताया कि महारास में भगवान श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान किया और महारास लीला से ही जीवात्मा परमात्मा का ही मिलन हुआ। जीव और ब्रह्म के मिलने को ही महारास कहते है। जब जीव में अभिमान आता है तो वह भगवान से दूर हो जाता है। लेकिन जब कोई भगवान को न पाकर विरह में होता है तो श्रीकृष्ण उस पर अनुग्रह करते है। भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग को सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मणि के साथ संपन्न हुआ। लेकिन रुक्मिणी को श्रीकृष्ण द्वारा हरण कर विवाह किया गया। रुक्मिणी स्वयं साक्षात लक्ष्मी हैं और वह नारायण से दूर रह ही नहीं सकतीं। कथा में मुख्य यजमान रुडाराम यादव, सुधा देवी, सुषमा, पूजा, अन्नू शामिल रहीं।

फोटो संख्या:67- गांव पाल में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रीकृष्ण-रूकम्णी विवाह की कथा सुनाते कथ

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