रुपये की देनदारी से बचने के लिए बारड़ा गांव के पिता-पुत्र की जोड़ी ने अपने ही अपहरण की कहानी गढ़ी थी और इतना ही नहीं अपनी पत्नी और बेटी से पुलिस में झूठी शिकायत भी दिलवाई। पुलिस ने क्षेत्र के लोगों की शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
बारड़ा निवासी सतबीर ने अपने बेटे हिम्मत के साथ मिलकर डेढ़ करोड़ रुपये की देनदारी से बचने के लिए अपने ही अपहरण का ड्रामा रचा। इसमें उसने अपने पत्नी संतरा देवी और बेटी कुसुमलता से शिकायत करवाई। शिकायत में दोनों मां-बेटी ने इनके अपहरण और हत्या का आरोप लगाते हुए बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई। मामला पुलिस के लिए पहेली बना हुआ था कि इसी दौरान सतनाली क्षेत्र के कुछ लोगों ने एसपी मनीषा चौधरी को शिकायत दी कि बारड़ा निवासी सतबीर और उसका बेटा हिम्मत उनके भैंस उधार में ले गए जो अब पैसे देने के समय कहीं गायब हो गए हैं। ऐसे में उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी। जांच सीआईए को सौंपी गई तो जांच में पाया गया सतबीर और हिम्मत पर भैंसों के व्यापार की करीब डेढ़ करोड़ रुपये की देनदारी है। इसके कारण वे गायब हैं, पुलिस ने दोनों को ३० अक्तूबर को छापा मारकर पिलानी में उसकी बहन की घर से बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो मामला देनदारी का ही निकला। पुलिस ने क्षेत्र के लोगों की शिकायत पर दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करते हुए कोर्ट में पेश किया। जहां से सतबीर को १४ दिन की न्यायिक हिरासत में तथा हिम्मत को ४ के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जांच टीम में इंस्पेक्टर सतबीर सिंह, एएसआई योगेश, एएसआई बलवंत और एएसआई राकेश शामिल रहे।