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आरोप लगाने वालों की कभी 2 लाख में होती थी विदाई, अब चवन्नी का भी टोटा: बृजभूषण

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महेंद्रगढ़। मुझ पर आरोप लगाने वाली हरियाणा की कुछ महिला पहलवानों की किसी समय पर दो-दो लाख रुपये में विदाई होती थी। अब उनको किसी जगह पर जाएं तो चवन्नी का भी टोटा हो रहा है। यह बात कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने पाथेड़ा में आयोजित सत्यमेव जयते रैली व सम्मान समारोह में कही। वे यहां बताैर मुख्यातिथि लोगों को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि जिस प्रकार ककैयी ने अपयश लेकर राजा राम को भगवान राम बना दिया, उसी प्रकार पहलवानों ने अपयश लेकर मुझे पूरी दुनिया में अमर कर दिया। इन्हीं कारणों से मैं उन पर गुस्सा नहीं करता। आपको भी उनसे नाराज होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने मुझे उत्तर प्रदेश से निकालकर हरियाणा में भी हीरो बनाया है।
बृजभूषण ने खिलाड़ियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने जूनियर खिलाड़ियों का हक सीनियर खिलाड़ी न खाएं, इसके लिए कुछ नियम बनाए थे। हरियाणा के कुछ खिलाड़ियों को बिना मेहनत और नेशनल खेले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाना था। वो ये नियम हटवाना चाहती थीं और इसके लिए उन्होंने आरोप लगाए। मैं झुक जाता तो मसला हल हो जाता, लेकिन मेरे किरदार का कत्ल हो जाता। जिनका कोई पहरेदार नहीं था, मैंने उनका साथ दिया और लड़ाई लड़ी।
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कांग्रेस पर देवी की जय से किया व्यंग्य
बृजभूषण ने कहा कि वे शुरुआत में आम इंसान थे। 1996 में कांग्रेस ने उनका घर तुड़वाया और दाउद इब्राहिम की मदद करने के झूठे आरोप में जेल भेज दिया। पुलिस ने दुर्व्यवहार किया। उस दौरान मैंने अपने पांच भाइयों की चिता जलाई है। ऐसा कोई दुख नहीं संसार जो नहीं देखा। मुकदमे के कारण टिकट नहीं मिलने पर मेरी पत्नी सांसद बनी। बृजभूषण ने जय हो देवी जी बोलकर कांग्रेस पर व्यंग्य किया और यहां तक पहुंचाने में उसी का हाथ बताया। यहां दबदबा था और दबदबा रहेगा के नारे लगाकर उन्होंने भीड़ की तालियां बटोरीं।
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जिसका सम्मान उनको नहीं मिली बैठने की जगह
खिलाड़ी सचिन तंवर को बैठने के लिए मंच पर जगह नहीं मिली। इसके बाद वे बृजभूषण के साथ सोफे के हैंडल पर बैठ गए। पूरे कार्यक्रम के दौरान वे वहीं बैठे रहे। कार्यक्रम के बाद आयोजक व अन्य लोग वहां से चले गए जबकि सचिन उनके पीछे भागते नजर आए। यहां पर उनके सम्मान जैसा कुछ नजर नहीं आया। आयोजकों ने नोटों की माला भी अतिथि को ही पहनाई।
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