स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 का मूल्यांकन इस बार इसी माह में होने है। लेकिन शहर की सफाई व्यवस्था को देखते हुए पिछले दो सालों में नीचे से दूसरे पायदान पर रहे हैं। इस बार भी हालातों में अधिक सुधार नहीं हुआ है, जिससे अच्छी रैंकिंग की उम्मीद नहीं की जा सकती है। सर्वेक्षण में जुड़ी मूल्यांकन टीमें इसी माह कभी भी शहर में फेस टू फेस आमजन से सवाल-जवाब और सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर सकती हैं। ऐसे में नगर पालिका को सिटीजन फीडबैक जुटाने और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत है। वैसे पिछले सालों में हर बार जनवरी में मूल्यांकन होता था, लेकिन इस बार फरवरी में सर्वेक्षण तथा मार्च में यह मूल्यांकन होना है। मगर कोरोना के चलते इसे इस बार एक माह के लिए और टाल दिया गया था।
वर्ष 2021 में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में मिला था 85वां स्थान
स्वच्छता रैंकिंग 2021 में महेंद्रगढ़ जिला फिसड्डी रहा था। उत्तरी भारत में जोनल स्तर पर कुल 95 शहरों में 1375 अंक लेकर 85वें स्थान पर रहा था। 25 से 50 हजार जनसंख्या वाले शहरों में 200 शहरों में महेंद्रगढ़ को 190वीं रैंक मिली थी। इसके अलावा कनीना को 706वीं रैंक मिली थी।
नहीं दिया ध्यान तो स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के आसार नहीं
जिले की नगर परिषद एवं नगर पालिकाओं ने शहर की स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया तो स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान लोगों का फीडबैक पहले जैसा ही रहेगा और शहर फिर फिसड्डी रहेगा। बता दें कि पिछली बार 4 से 31 जनवरी तक 2021 स्वच्छता सर्वे किया गया था। इस दौरान दूसरे क्षेत्र से आई टीम ने गली-मोहल्लों में जाकर सफाई देखी। लोगों से फीडबैक लिया, स्वच्छता एप का उपयोग करने वालों का रिकॉर्ड जुटाया। टीम ने डायरेक्ट ऑब्जरवेशन, सिटीजन फीडबैक, सर्विस लेवल प्रोगेस तथा सर्टिफिकेशन चारों के मिलाकर 2400 अंक बनाए थे।
महेंद्रगढ़ 200 शहरों में रहा था 190वें नंबर पर
महेंद्रगढ़ शहर पिछली बार के स्वच्छता सर्वेक्षण में 200 शहरों में 190वें नंबर पर रहा था। इसमें 2400 अंकों में 1088.41 अंक हासिल किए थे। शहर को 25 हजार से 50 हजार के बीच जनसंख्या वाले शहर में शामिल किया गया था। सर्वेक्षण में भी महेंद्रगढ़ 191 शहरों में 190वें नंबर पर रहा।
इस बार होंगे अच्छी रैंकिंग के लिए काम
फरवरी माह में ही होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए इस बार सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। टेंडर लगाकर निजी हाथों में सफाई व्यवस्था दी जाएगी जिसमें इस टैंपो शहर के घर-घर जाकर कचरा उठाएंगे। नपा के कर्मचारी मुख्य बाजारों में सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगे जिससे सफाई व्यवस्था ओर अधिक बेहतर हो पाएगी जिससे अच्छा रैंक मिलेगा। शहर के स्वच्छता सर्वेक्षण के ब्रांड एंबेसडर, मुकेश मेहता