नारनौल। नारनौल डिपो से हरिद्वार के लिए एक भी बस का संचालन नहीं किया जा रहा। इस कारण शिवरात्रि पर हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि सावन माह में शिवरात्रि पर शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाने का विशेष महत्व है। क्षेत्र से कई लोग कांवड़ लाकर गंगाजल शिवलिंग पर चढ़ाते हैं, लेकिन तमाम लोग जो कांवड़ नहीं ला पाते वह बस और अन्य साधन से हरिद्वार जाकर गंगाजल लाते हैं और शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। हरिद्वार जाने के लिए क्षेत्र के लोग अन्य डिपो या फिर राजस्थान रोडवेज की बस पर निर्भर हैं।
हरिद्वार के लिए राजस्थान रोडवेज की बस सुबह 7.15 बजे नारनौल डिपो से होकर जाती है। वहीं चरखी दादरी डिपो की बस महेंद्रगढ़ बस स्टैंड से सुबह 5.50 बजे और रेवाड़ी डिपो की बस रेवाड़ी डिपो से दोपहर 12 बजे हरिद्वार के लिए रवाना होती है। इन बसों के द्वारा क्षेत्र के लोग हरिद्वार तक का सफर तय करते हैं।
इस कारण हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को कई बस बदलनी पड़ती है। इससे रुपये भी अधिक खर्च होते हैं। समय भी अधिक लगता है। स्थानीय लोगों ने बस स्टैंड प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि सावन माह के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए हरिद्वार के लिए विशेष बस का संचालन किया जाना चाहिए।
इंसेट
परमिट नहीं होने से नहीं किया जाता संचालन
हरिद्वार के लिए बस के संचालन के लिए परमिट नहीं है। इस कारण बस का संचालन नहीं किया जाता। हरिद्वार के लिए उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश दो राज्यों से परमिट की आवश्यकता होती हैं। वहीं सावन माह के अलावा अन्य दिनों में हरिद्वार के लिए यात्री भार भी कम रहता है। इस कारण नारनौल डिपो से फिलहाल हरिद्वार के लिए बस का संचालन नहीं किया जा रहा।
वर्जन :
लक्ष्य है कि सभी रूट पर बसों का संचालन नियमित हो, ताकि यात्रियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। यात्रियों की संख्या और आवश्यकता अनुसार बसों के संचालन में बदलाव भी किया जाता है। वहीं परमिट नहीं होने के कारण हरिद्वार के लिए बस का संचालन नहीं किया जा रहा। यदि सावन माह के अतिरिक्त अन्य दिनों में भी हरिद्वार के लिए यात्री संख्या अधिक रहती है तो, रूट का निरीक्षण कर बस के संचालन की योजना बनाई जाएगी।
सतीश कुमार, सीआई, नारनौल डिपो।