महेंद्रगढ़। नागरिक अस्पताल में पूछताछ केंद्र नहीं होने से मरीजों को चिकित्सकों तक पहुंचने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। अस्पताल में 1 से 23 नंबर कमरे पुराने रिहायशी भवनों में हैं जबकि 101 से 116 नंबर तक के कमरे अस्पताल के मुख्य भवन के अंदर बने हैं। मरीज कतार में लगकर पर्ची बनवाने के बाद मरीजों को चिकित्सक का कक्ष तलाशने के लिए भटकना पड़ता है।
जिम्मेदारों का दावा है कि अस्पताल में पूछताछ केंद्र बनाया गया है जबकि अस्पताल में कहीं भी पूछताछ केंद्र नहीं है। अस्पताल में 39 कमरों में चिकित्सक बैठते हैं। पूछताछ केंद्र नहीं होने के कारण मरीजों को चिकित्सक का कमरा ढूंढ़ने के लिए भटकना पड़ता है।
लोगों ने अस्पताल प्रशासन से पूछताछ केंद्र स्थापित कर एक कर्मचारी तैनाती करने की मांग की है ताकि मरीजों को परेशानी ना हो। ओपीडी के दौरान पर्ची पर चिकित्सकों का कमरा नंबर तो लिख दिया जाता है लेकिन यह कमरा कहां है यह नहीं बताया जाता है।
अस्पताल में इलाज करवाने आया था। पर्ची तो कटवा ली लेकिन कमरा नंबर 20 को तलाशने में मशक्कत करनी पड़ी। पूछताछ केंंद्र नहीं होने के कारण लोगों से पूछ कर चिकित्सक के पास पहुंचे। कर्मचारी सीधे मुंह बात तक नहीं करते, अस्पताल में पूछताछ केंद्र बनाना चाहिए ताकि लोगों को परेशानी ना हो।- रामचंद्र, बलायचा
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ओपीडी में बनी पर्ची पर 101 नंबर लिखा हुआ था। आधे घंटे तक पूछताछ करते हुए चिकित्सक तक पहुंच पाई। पूछताछ केंद्र नहीं होने के कारण लोगों को कौन विशेषज्ञ कहां मिलेगा इसका पता नहीं चल पाता है। पूछताछ केंद्र शुरू कर यह सुविधा दी जाए जिससे समय की बर्बादी न हो। - महादी, निवासी आकोदा
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अस्पताल में चिकित्सकों के कमरों को बदलने की प्रक्रिया चल रही है। हर कमरे के बाहर नंबर लिखा हुआ है। नागरिक अस्पताल में पूछताछ केंद्र की व्यवस्था की गई है। लोगों को पूछताछ केंद्र सुविधा दी जा रही है। - जयप्रकाश, एसएमओ नागरिक अस्पताल, महेंद्रगढ़।