संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। दोहान नदी को पुनर्जीवित करने का कार्य 50 फीसदी तक पूरा हो चुका है। नहर और सिंचाई विभाग की ओर से इस परियोजना पर 12 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस परियोजना को अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। दोहान नदी पुनर्जीवित होने से दस से अधिक गांवाें के भूजलस्तर में सुधार होगा।
नहर और सिंचाई विभाग की ओर से जेएलएन (जवाहरलाल नेहरू कैनाल) के माध्यम से गांव भगड़ाना से गुजर रही दोहान नदी क्षेत्र में नहरी पानी पहुंचाने का कार्य युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। इस परियोजना के माध्यम से जिले को बारिश के मौसम में तीन माह मिलने वाले अतिरिक्त पानी को का प्रयोग भूजल रिचार्ज करने में किया जा सकेगा।
इन गांवों का भूजल स्तर सुधरने की उम्मीद : नहर एवं सिंचाई विभाग की इस परियोजना से गांव भगड़ाना, माजरा कलां, सिसोठ, झूक, मालड़ा सराय, मालड़ा बास, पाली, जाट, भुरजट सहित आसपास के अन्य गांवों में भी भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद जगी है। डार्क जोन में शामिल इन गांवों में तेजी से भूजल स्तर में गिरावट का क्रम जारी है। परियोजना के तहत जेएलएन में मिलने वाले अतिरिक्त पानी को भूजल स्तर के रिचार्ज के रूप में प्रयोग किया जाएगा। इन गांवों में लगातार भूजल स्तर दयनीय हालत में पहुंचा रहा है। नहरी पानी के अभाव में किसानों के लिए खेती करना धीरे-धीरे चुनौती बन रहा है। ऐसे में यह परियोजना इन गांवों के लोगों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। संवाद
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यह है परियोजना:
नहर एवं सिंचाई विभाग द्वारा जेएलएन से 60 क्यूसेक पानी की क्षमता वाली 1600 एमएम परिधि की सीमेंटेड पाइप लाइन दबाई जाएगी। चार किलोमीटर लंबी इस पाइप लाइन के माध्यम से दोहान क्षेत्र में पानी छोड़ा जाएगा। लगातार तीन माह पानी छाेड़ने के लिए कच्चे नाले व खेतों का सहारा लिया जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से विभाग की ओर से 60 क्यूसेक पानी छोड़ने की योजना बनाई गई है। विभाग की यह योजना सिरे चढ़ी तथा तय मात्रा में पानी मिला तो भूजल स्तर में सुधार हो सकेगा।
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वर्जन
गांव झगड़ोली स्थित एनबी-1 पंप हाउस के नजदीक 60 क्यूसेक पानी की क्षमता वाली 1600 एमएम परिधि की सीमेंटेड पाइप लाइन दबाने का कार्य चल रहा है। अगस्त तक काम पूरा हो जाएगा। इससे पूर्व भी गांव माजरा कलां में 60 क्यूसेक पानी की क्षमता वाली परियोजना पूरी की गई है।-दीपक कुमार, कनिष्ठ अभियंता नहर एवं सिंचाई विभाग महेंद्रगढ़।